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Deepika Padukone Baby Bump Fact Check: बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह अपने दूसरे बच्चे के स्वागत के लिए पूरी तरह से तैयार है। जब से दीपिका ने गुड न्यूज़ शेयर की है तभी से हर किसी की नजरें उनके बेबी बंप और डिलीवरी डेट पर ही अटकी हुई हैं।

Deepika Padukone

इसी बीच रणवीर दीपिका की बेबी बंप वाली फैमिली फोटो सओशल मीडिया पर सामने आई है जो कि काफी तेजी से वायरल हो गई हैं। सामने आई तस्वीरों में रणवीर दीपिका को पीछे से बाहों में लिए लिए दिखाई दे रहे हैं तो वहीं उनकी बेटी दुआ मम्मी के बेबी बंप से लिपटी नजर आ रही हैं।

रणवीर दीपिका का ये मैटरनिटी फोटोशूट सोशल मीडिया पर बवाल काट रहा है। नेटिजंस उनकी इन तस्वीरों पर दिल खोलकर लाइक और कमेंट की बरसात कर रहे हैं। इसके साथ ही काफी सारे सोशल मीडिया यूजर्स उनके इस फोटोशूट की और भी तस्वीरों की डिमांड कर रहे हैं।

हालांकि आपको बता दें कि इन तस्वीरों की सच्चाई कुछ और है जिसे जानकर आपको 440 वोल्ट का झटका लग सकता है। दरअसल, रणवीर दीपिका और दुआ की ये तस्वीरें असली नहीं बल्कि एआई जेनेरेटेड हैं। दीपिका के मैटरनिटी फोटोशूट का इंतजार कर रहे बेसब्री फैंस ने उनकी ये तस्वीरे एआई टूल्स के माध्यम से तैयार की हैं।

दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह ने 29 फरवरी 2024 को पहली प्रेग्नेंसी के अनाउंसमेंट की थी। इसके बाद 8 सितंबर 2024 को दोनों की बेटी दुआ का जन्म हुआ था। लेकिन अब 19 अप्रैल 2026 को दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह ने एक बार फिर से खुशखबरी दे दी है। दूसरी प्रेगनेंसी की घोषणा करते हुए उन्होंने अपनी बेटी दुआ की तस्वीर शेयर की जिसमें उसका चेहरा तो नहीं दिख रहा है लेकिन उसने हाथ में प्रेगनेंसी किट पकड़ी हुई है।

Naseem Sultan Reveals His First Full Malay Song, ‘Money Money Yalla

Following “Aku Cinta Malaysia,” the international pop singer and guitarist is preparing a story-driven new track from his forthcoming multilingual album.

International pop singer and guitarist Naseem Sultan is preparing another surprise for fans with “Money Money Yalla,” the first song of his career to be performed entirely in Malay.

The announcement follows the release of the official audio and promotional trailer for “Aku Cinta Malaysia,” Sultan’s patriotic Malay-Arabic project reflecting his connection with Malaysia. The official trailer was created by PULSE 3 Creative Team, introducing the song through a cinematic visual direction ahead of its full release.

“Money Money Yalla,” however, will take listeners into a completely different world.

While “Aku Cinta Malaysia” carries a message of appreciation, unity and national pride, the new track presents a lively and humorous story inspired by everyday life in Kuala Lumpur. It explores the pressure of finding work, earning a living and trying to build a better future in a fast-moving city.

The song follows a foreigner attempting to establish himself while facing rejection, financial pressure and the familiar assumption that every Arab must be wealthy. Rather than presenting success as effortless, the track explores the reality behind ambition: responsibility, uncertainty and the determination to keep moving despite setbacks.

Its title combines the universal pursuit of financial stability with the Arabic expression “yalla,” meaning “come on” or “let’s go.” The phrase becomes a memorable hook capturing the song’s central spirit: keep working, continue searching for opportunities and never stop trying.

Although Sultan has previously used Malay in his music, “Money Money Yalla” will mark his first complete song in the language, representing a new step in his artistic journey and his relationship with Malaysian audiences.

The track is being developed with creative team members Adam Armin and Yusuff Khan of Lemari Records, bringing together local musical character, contemporary production and Sultan’s Middle Eastern identity.

“Money Money Yalla” is taken from Sultan’s forthcoming album, which will feature original music in Malay, English and Arabic, while exploring different stories, sounds and cultural influences.

Previously announced titles from the album include “I’m Dope” and “Dreams Alive,” with further songs expected to be revealed gradually.

Sultan is also preparing surprise collaborations with Malaysian and international artists. The participating names remain under wraps, allowing each collaboration to be announced as a separate moment for fans.

The project is managed and produced by Sam Sultan through MODIFY 5 SDN BHD and NABIL INTERNATIONAL GROUP.

From the patriotic emotion of “Aku Cinta Malaysia” to the urban storytelling of “Money Money Yalla,” Naseem Sultan is opening a new chapter built around original music, relatable stories and cultural connection, with more songs and unexpected collaborations still to come.

Instagram: https://www.instagram.com/naseemstn

कहां हैं अभिजीत दीपके? घर क्यों नहीं लौटे, किसने मांगी सुरक्षा

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए भारी प्रदर्शन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया. उनकी जगह प्रह्लाद जोशी ने पद संभाला है. इन सबके बीच कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके काफी चर्चा में रहे. अभिजीत फिलहाल टाइफाइड से जूझ रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि वे प्रदर्शन खत्म होने के बाद भी घर नहीं पहुंचे. महाराष्ट्र के मंत्री और शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने अभिजीत और उनके परिवार के लिए सुरक्षा की मांग की.

‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक संजय शिरसाट ने कहा, ‘अभिजीत अगले दो से तीन-दिनों में अपने घर लौट आएंगे. जब वह महाराष्ट्र पहुंचेंगे, तो मैं खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से विशेष अनुरोध करूंगा कि उन्हें सरकारी सुरक्षा दी जाए, जिससे उनकी जान को कोई खतरा न रहे.’

शिरसाट से पूछा गया कि उन्होंने आंदोलन के दौरान दीपके के माता-पिता से मुलाकात क्यों नहीं की थी. उन्होंने कहा, ‘दीपके परिवार के साथ हमारे पारिवारिक संबंध हैं. मैंने विरोध प्रदर्शन के दौरान मुलाकात इसलिए नहीं की, जिससे इस मुद्दे को राजनीतिक रंग न दिया जा सके. अब मैं अभिजीत की तबीयत का हाल-चाल लेने आया हूं और सरकार उनका पूरा ध्यान रखेगी.’

गौरतलब है कि अभिजीत दीपके टाइफाइड से जूझ रहे हैं. सीजेपी ने रविवार को एक्स पर एक पोस्ट शेयर की. दीपके बेड पर लेटे हुए दिखे. दीपके जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान लगातार एक्टिव थे. 

आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के खिलाफ हो सकता है एक्शन

बता दें कि जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य नेताओं को निशाना बनाकर सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक और अपमानजनक पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई पर विचार कर रही है. पीटीआई के मुताबिक, पुलिस ऐसे पोस्ट, वीडियो और टिप्पणियों को हटाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को नोटिस जारी कर सकती है.

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Jyotirmayee Nayak winner of Indian idol 16 gets the prize of 20 lakhs with trophy makes Jyotirmayee Nayak emotional

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Indian Idol 16 Winner: सिंगिंग की दुनिया के सबसे मशहूर रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल 16’ को विनर मिल चुका है। महीने से ज्यादा तक चले इस शो में एक से बढ़कर एक सुरीली परफॉर्मेंस देखने को मिले और अब ये ग्रैंड फिनाले में अपने विनर को खोज चुका है। ओडिशा की रहने वाली ज्योतिर्मयी नायक ने इंडियन आइडल 16 की ट्रॉफी जीती है।

Indian Idol 16 Winner

ज्योतिर्मयी नायक जबलपुर के तनिष्क शुक्ला को पीछे छोड़ते हुए शो जीता है। ज्योतिर्मयी नायक को ट्रॉफी के साथ 20 लाख रुपये की प्राइज मनी भी मिली है। विनर बनने के बाद उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। ज्योतिर्मयी नायक की जीत से उनके परिवार के साथ साथ फैंस में काफी जश्न का माहौल है।

जब शो के होस्ट आदित्य नारायण ने जैसे ही अनाउंस किया कि ज्योतिर्मयी नायक विनर बन गई हैं तो वह इमोशनल हो गईं। उन्होंने ट्रॉफी और 20 लाख रुपये चेक लेने के बाद भगवान जगन्नाथ का जयकारा लगाया। इसके साथ ही तनिष्क शुक्ला रनर-अप रहे। ज्योतिर्मयी नायक ने अपनी जीत का क्रेडिट कैंसर के उन मरीजों को दिया जिन्हें उन्होंने अपनी म्यूजिक थैरेपी के जरिए ठीक किया।

बताते चलें कि शो ‘इंडियन आइडल 16’ के 9 महीने से ज्यादा के सफर में ज्योतिर्मयी नायक ने एक से बढ़कर एक परफॉर्मेंस दीं। गौरतलब है कि इस बार शो काफी हिट रहा और जिसके चलते इसे दो बार एक्सटेंशन मिला। इस शो में देशभर से आए सिंगर्स ने अपनी प्यारी आवाज से लोगों का दिल जीता।

शो ‘इंडियन आइडल 16’ के फिनाले में कुमार सानू, ऊषा उत्थुप, उर्मिला मातोंडकर और शहनाज गिल जैसी हस्तियां पहुंची थीं। इन लोगों ने फाइनलिस्ट का उत्साह बढ़ाया। बताते चलें कि विनर को 20 लाख रुपये और ट्रॉफी मिली तो रनर-अप 10 लाख रुपये मिले।

Dharmendra Pradhan Resign: NEET विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने दो बार दिया था इस्तीफा! आखिर क्यों हुआ मंजूर? जानें

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केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से शनिवार (25 जुलाई 2026) को इस्तीफा देने वाले धर्मेंद्र प्रधान ने कथित तौर पर NEET पेपर लीक विवाद और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान दो बार अपना पद छोड़ने की पेशकश की थी. हालांकि, सरकारी नेतृत्व ने दोनों बार उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया और उनसे शिक्षा व्यवस्था में सुधारों पर काम जारी रखने को कहा. यह जानकारी सरकारी सूत्रों के हवाले से सामने आई है.

20 जुलाई को वरिष्ठ मंत्रियों की एक उच्च स्तरीय बैठक हुई थी. दावा किया जा रहा है कि इस बैठक में धर्मेंद्र प्रधान ने एक बार फिर इस्तीफा देने की पेशकश की थी. लेकिन सरकार ने उनका प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया. नेतृत्व का मानना था कि सिर्फ इस्तीफा देना किसी समस्या का समाधान नहीं है. सरकार का विचार था कि किसी मंत्री का इस्तीफा देना सबसे आसान रास्ता हो सकता है, लेकिन असली जरूरत व्यवस्था में मौजूद कमियों को दूर करने और सुधार लागू करने की है. हालांकि इस पर आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है.

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कॉकरोच जनता पार्टी से बातचीत

हालांकि बाद में स्थिति बदल गई. सूत्रों के अनुसार, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के साथ दूसरे दौर की बातचीत के बाद सरकार ने हालात का दोबारा आकलन किया. बताया गया कि संगठन ने 20 जुलाई के चलो संसद मार्च की तरह एक और बड़े आंदोलन की चेतावनी दी थी. 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में कई छात्र घायल हुए थे, जिससे सरकार पहले से ही चिंतित थी. सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों ने भी सरकार को रिपोर्ट दी थी. इनमें आशंका जताई गई थी कि कुछ देश विरोधी तत्व इस आंदोलन और अशांति का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं.

सोशल मीडिया अकाउंट की पहचान की गई

रिपोर्ट के मुताबिक, डिजिटल निगरानी के दौरान 400 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट की पहचान की गई. इनमें लगभग 100 इंस्टाग्राम अकाउंट ऐसे बताए गए जो कथित तौर पर पाकिस्तान से संचालित हो रहे थे और भारत में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों को बढ़ावा देने या उनसे जुड़ी सामग्री साझा कर रहे थे. शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि इनमें से कुछ अकाउंट पहले भी विभिन्न संवेदनशील मुद्दों के दौरान सक्रिय रहे थे. सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस के फेसियल रिकग्निशन सिस्टम ने 20 जुलाई से 24 जुलाई के बीच जंतर-मंतर और उसके आसपास मौजूद करीब 400 ऐसे लोगों की पहचान की थी, जिनका पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है. बताया गया कि इनमें से कुछ लोग 20 जुलाई को हुई तोड़फोड़ की घटनाओं से भी जुड़े होने के संदेह में थे.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस्तीफा स्वीकार कर लिया

इन सभी घटनाक्रमों और सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद सरकार ने स्थिति का पुनर्मूल्यांकन किया. सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस निष्कर्ष पर पहुंची कि सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना और तनाव कम करना जरूरी है. इसी बीच धर्मेंद्र प्रधान ने एक बार फिर इस्तीफा देने का फैसला किया. बाद में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया. इसके कुछ ही घंटों बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया.

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यूक्रेन में फिर हुआ भारतीय जहाज पर हमला, 2 क्रू मेंबर लापता, दूतावास ने क्या बताया?

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यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर रविवार (26 जुलाई) को 4 भारतीय नागरिकों को ले जा रहे एक व्यापारी जहाज पर हमला हुआ. कीव में भारतीय दूतावास के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, चालक दल के 2 सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं, जबकि बाकी 2 के बारे में जानकारी का अभी भी इंतजार है.

दूतावास के बयान के मुताबिक यह घटना शनिवार को हुई, जब ओडेसा बंदरगाह पर MV AGN Ragnar पर हमला हुआ. ओडेसा यूक्रेन के अहम ब्लैक सी बंदरगाहों में से एक है, जिस पर 2022 में रूस-यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद से कई बार हमले हुए हैं. भारतीय मिशन ने एक बयान में कहा है कि वह स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है. बता दें कि यह घटना ओडेसा बंदरगाह पर रूसी हमले में 4 भारतीय नाविकों की मौत के कुछ दिनों बाद हुई है.

एजेंसियों के संपर्क में दूतावास 
यूक्रेन की राजधानी कीव स्थित भारतीय दूतावास ने रविवार को बताया कि जहाज पर मौजूद दो भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं, जबकि अन्य दो भारतीयों के बारे में जानकारी का इंतजार किया जा रहा है. दूतावास ने कहा कि वह स्थानीय अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है तथा भारतीय नागरिकों की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है. घटना को लेकर आगे की जानकारी का इंतजार है.

हाल ही में हुई 4 भारतीय नाविकों की मौत 
हाल ही में यूक्रेन के तट के पास एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले में 4 भारतीय नाविकों की मौत हो गई, जबकि 1 अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल हुआ. इस घटना के बाद भारत ने रूस के प्रभारी राजदूत को तलब कर इस हमले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया था. विदेश मंत्रालय ने रूसी राजनयिक से साफ तौर पर कहा कि जिस तरह एक व्यापारी जहाज पर हमला हुआ और उसमें भारतीय नागरिकों की जान गई, वह पूरी तरह अस्वीकार्य है.

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असम में छात्र आंदोलन ने पकड़ा सियासी रंग, मंत्री की बेटी भी उतरी प्रदर्शन में; सीएम हिमंत बोले- पिता को निशाना बनाना गलत

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असम के गुवाहाटी में कथित परीक्षा अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए छात्र प्रदर्शन ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है. इस प्रदर्शन में असम सरकार के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री और असम गण परिषद (एजीपी) नेता केशव महंत की बेटी दिबिसा के शामिल होने के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है. सोशल मीडिया पर दिबिसा के प्रदर्शन में शामिल होने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाने के कथित वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. इस पूरे घटनाक्रम पर अब मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी प्रतिक्रिया दी है.

मंत्री की बेटी के प्रदर्शन में शामिल होने के वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दावा किया जा रहा है कि दिबिसा छात्र प्रदर्शन में शामिल हुईं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी नारे लगाए. हालांकि, वायरल वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है.

 

सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने किया मंत्री का बचाव

वीडियो सामने आने के बाद राज्य में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं. इस बीच मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा अपने कैबिनेट सहयोगी केशव महंत के समर्थन में सामने आए. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, सरमा ने कहा कि दिबिसा के प्रदर्शन में शामिल होने के कारण केशव महंत को ट्रोल करना या उन पर हमला करना उचित नहीं है. उनका कहना था कि वयस्क बच्चों की राजनीतिक सोच अपने माता-पिता से अलग हो सकती है.

उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि अपनी बेटी के प्रदर्शन के कारण केशव महंत पर हमला या उन्हें ट्रोल किया जाना चाहिए. हो सकता है कि उनकी बेटी अपने पिता की राजनीतिक विचारधारा का पालन नहीं करती हो. कल जब मेरा बेटा वकालत करेगा तो संभव है कि वह किसी ऐसे व्यक्ति का पक्ष रखे, जिसे मैं पसंद न करता हूं.”

‘बच्चों के फैसलों के लिए माता-पिता जिम्मेदार नहीं’

मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े हो चुके बच्चों के राजनीतिक फैसलों या सार्वजनिक गतिविधियों के लिए उनके माता-पिता को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि जब बच्चे वयस्क हो जाते हैं तो उन्हें अपने निर्णय लेने का पूरा अधिकार होता है और उन फैसलों को उनके माता-पिता से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए.

नारों से असहमति जताई, दिबिसा से करेंगे बात

हालांकि, मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि वह प्रदर्शन के दौरान लगाए गए नारों से सहमत नहीं हैं. उन्होंने कहा, “मैं उन नारों से सहमत नहीं हूं जो उन्होंने लगाए. अगली बार जब मेरी उनसे मुलाकात होगी तो मैं जरूर इस बारे में बात करूंगा और उन्हें समझाने की कोशिश करूंगा कि उन्होंने जो कहा, वह सही नहीं था.”

परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में हुआ था प्रदर्शन

गुवाहाटी में यह प्रदर्शन कथित परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में आयोजित किया गया था. प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की. इस पूरे मामले पर अब तक केशव महंत की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.



सड़क के बाद अब संसद में होगा बवाल! केसी वेणुगोपाल ने पीएम मोदी से की माफी की मांग

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कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्ष संसद में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई कथित पुलिस बर्बरता के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है. सूत्रों के अनुसार विपक्ष इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सार्वजनिक माफी की मांग करेगा.

विपक्ष का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग किया गया, जिसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए. इस मुद्दे को संसद के दोनों सदनों में जोर-शोर से उठाने की रणनीति बनाई गई है. इस मामले को लेकर कांग्रेस के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने दिल्ली में कथित NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी मांगने की मांग की है.

PTI के मुताबिक, केसी वेणुगोपाल ने रविवार (26 जुलाई) को कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह मुद्दा 27 जुलाई को संसद में उठाया जाएगा. उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की गई और प्रदर्शनकारियों के साथ हुई कार्रवाई पर जवाबदेही तय होनी चाहिए. NEET परीक्षा से जुड़े आरोपों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है.

राहुल गांधी ने अमित शाह को लिखा लेटर
इससे पहले राहुल गांधी ने अमित शाह को लेटर लिखकर छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा है. राहुल गांधी ने कहा कि हमारे छात्र एक निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा प्रणाली की मांग कर रहे थे. उनकी बात सुने जाने के बजाय सुरक्षा बलों ने हथियारों और आंसू गैस सहित अंधाधुंध बल प्रयोग करके उन पर हमला किया.

राहुल गांधी ने अमित शाह से सवाल किए कि दिल्ली में तैनात सुरक्षा बल अंतिम रूप से आपके प्रति ही जवाबदेह हैं, इसलिए मैं आपसे पूछता हूं कि एक गृह मंत्री के रूप में क्या आपने छात्रों के खिलाफ पेलेट गन सहित घातक बल प्रयोग को मंजूरी दी थी? यदि नहीं, तो किसने दी? मतलब साफ है कि सोमवार को संसद में जोरदार हंगामा देखने को मिलने वाला है.

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उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में आयोजित एक सभा के दौरान AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यह देश के युवाओं के संघर्ष, मेहनत और लंबे आंदोलन की बड़ी जीत है. ओवैसी ने कहा कि छात्रों ने लगातार आवाज उठाई और आखिरकार सरकार को उनके सामने झुकना पड़ा.

ओवैसी ने कहा कि वह उन छात्रों को सलाम करते हैं, जिन्होंने कई हफ्तों तक जंतर-मंतर पर बैठकर आंदोलन किया. उन्होंने कहा कि छात्रों ने ऐसा मंत्र पढ़ा की  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी देर रात वीडियो संदेश जारी करना पड़ा. ओवैसी ने कहा कि देश में तानाशाही नहीं चल सकती और जब लोग संगठित होकर अपनी आवाज उठाते हैं तो सत्ता को भी उनकी बात सुननी पड़ती है. उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में राष्ट्रीय और राज्य स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाएं नहीं होंगी और छात्रों को निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था मिलेगी.

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राजनीतिक मुद्दों पर ओवैसी की राय

सभा के दौरान ओवैसी ने राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि अब लोग केवल प्रतीकात्मक सम्मान नहीं चाहते, बल्कि बराबरी का अधिकार चाहते हैं. उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को समान अवसर और सम्मान मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि AIMIM नहीं चाहती कि भारतीय जनता पार्टी दोबारा सत्ता में आए. ओवैसी ने कहा कि वह विपक्षी दलों के साथ हाथ मिलाने और गठबंधन करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने विपक्षी नेताओं से अपील करते हुए कहा कि अभी बातचीत का समय है और चुनाव खत्म होने के बाद पछताने का कोई फायदा नहीं होगा.

देश की राजनीति में युवाओं की भूमिका

ओवैसी ने यह भी कहा कि देश की राजनीति में युवाओं की भूमिका और बढ़नी चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत की बड़ी आबादी युवा है और भविष्य की राजनीति में उनकी भागीदारी महत्वपूर्ण होगी. उनके अनुसार एआईएमआईएम का उद्देश्य केवल भाषण देना नहीं, बल्कि जनता के असली मुद्दों को उठाना और उनके अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करना है. उन्होंने कहा कि चुनाव के समय कई नेता बड़े-बड़े वादे करते हैं और मुख्यमंत्री या सरकार बनाने की बातें करते हैं, लेकिन जनता को अपनी नेतृत्व क्षमता विकसित करनी चाहिए और अपने प्रतिनिधियों को मजबूत बनाना चाहिए.

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सिद्धारमैया ने किया 2028 का कर्नाटक विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान, बोले – ‘आज की राजनीति…’

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कर्नाटक की सियासत को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रहे और कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता सिद्धारमैया ने 2028 का विधानसभा चुनाव न लड़ने का ऐलान किया है. उन्होंने इसकी जानकारी एक्स पर एक पोस्ट के जरिए दी है. 

उन्होंने कहा, ‘मैं 2028 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ूंगा. मैं अब 79 साल का हो गया हूं. हमारी सरकार का कार्यकाल अभी डेढ़ साल और बाकी है. तबतक मैं 81-82 साल का हो जाऊंगा. मेरी सेहत अब वैसी नहीं रही, जैसी पहले हुआ करती थी. अब पहले जैसा जोश और उत्साह के साथ काम करना मुमकिन नहीं है.’

आज राजनीति में भ्रष्टाचार आ गया है, इसलिए नहीं लड़ूंगा चुनाव: सिद्धारमैया

सिद्धारमैया मांड्या जिले के के.आर. पेट में शनिवार को आयोजित एक निजी कार्यक्रम में बोल रहे थे. सिद्धारमैया ने ऐलान करते हुए कहा, ‘आज राजनीति में भ्रष्टाचार आ गया है. इसलिए मैं 2028 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ूंगा. हालांकि, राजनीति में एक्टिव रहते हुए, मैं लोगों के दुख-सुख की आवाज बनता रहूंगा.’

उन्होंने कहा, ‘वरुणा निर्वाचन क्षेत्र के लोग एक बार मुझसे चुनाव लड़ने का आग्रह कर रहे हैं. लेकिन मैंने तय किया है कि अब मैं कोई चुनाव नहीं लड़ूंगा. पहले जब मैं चुनाव लड़ता था, तो निर्वाचन क्षेत्र के लोग ही हमें पैसे देते थे. हमारी जीत सुनिश्चित करते थे, लेकिन आज वैसी स्थिति नहीं रही.’

उन्होंने उम्र का हवाला देते हुए कहा, ‘मैं अब 79 साल का हो गया हूं. हमारी सरकार का कार्यकाल अभी डेढ़ साल और बाकी है. तब तक मैं 81-82 साल का हो जाऊंगा. मेरी सेहत अब वैसी नहीं रही जैसी पहले हुआ करती थी. अब पहले जैसा जोश और उत्साह के साथ काम करना संभव नहीं है.’

उन्होंने कहा, ‘2028 तक मैं 82 साल का हो जाऊंगा. तब मेरे राजनीतिक जीवन के 50 साल पूरे हो जाएंगे. मैंने 1978 में तालुक बोर्ड सदस्य के तौर पर अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था. मैंने हार और जीत, दोनों देखी हैं. लेकिन मुझे इस बात का संतोष है कि मैंने कभी उन सिद्धांतों के खिलाफ काम नहीं किया जिनमें मेरा विश्वास था, और न ही कभी अपनी अंतरात्मा के साथ धोखा किया.’

उन्होंने कहा, ‘अब ऐसा समय आ गया है कि अगर हम चुनाव लड़ते हैं, तो हमें लोगों को पैसे देने होंगे. आज की राजनीति पूरी तरह से भ्रष्ट हो चुकी है. ईमानदार राजनीति के लिए कोई जगह नहीं बची है. इसी माहौल को देखते हुए, मैंने भविष्य में चुनाव न लड़ने का फैसला किया है. पांच दशकों तक राज्य की जनता ने मुझे अपने ही बीच का एक व्यक्ति माना और प्यार से मेरा मार्गदर्शन किया. मुझ पर उनका यह कर्ज है. इसलिए, मेरा भविष्य का जीवन भी जनसेवा को ही समर्पित रहेगा.’