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‘थैंक्यू फ्रैंड्स’, PM मोदी ने देर रात जारी Video में की यूथ के प्यार और समर्थन की तारीफ, जानें क्या कहा?

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Narendra Modi New Video: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब लगातार Gen Z पीढ़ी और इसी उम्र के प्रदर्शनकारियों से संपर्क सीधे तौर पर साध रहे हैं. गुरुवार के बाद अब शुक्रवार को भी देर रात उन्होंने एक वीडियो जारी किया है. इससे पहले भी उन्होंने देर रात वीडियो जारी किया था. वहीं, पीएम मोदी के दोनों वीडियो में हेलो और थैंक्यू फ्रेंड्स कर संबोधित किया है. 

पीएम ने वीडियो में कहा है कि लोगों ने जो सुझाव दिए उसके लिए शुक्रिया. अब एक तरह से प्रधानमंत्री लगातार प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ इस तरह से संवाद स्थापित कर रहे हैं. इससे पहले कैबिनेट की बैठक के दौरान भी प्रधानमंत्री ने कैबिनेट के साथियों से कहा था कि वह भी सोशल मीडिया खास तौर पर इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफार्म के जरिए युवाओं से बेहतर तरीके से जुड़ सकते हैं.

 

 

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वीडियो में क्या बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी?

पीएम मोदी ने वीडियो में कहा, ‘थैंक्यू फ्रेंड्स. कल देर रात आपसे मिलने का मौका मिल गया. मैंने जो वीडियो पोस्ट किया था, उस पर जिस प्रकार से रिस्पॉन्ड किया. सकारात्मक सुझाव दिए. थैंक्स टू एवरीबडी. आपका प्यार बना रहेगा. हमारा नाता और अधिक सक्रियता से जुड़ता रहेगा. थैंक्यू. थैंक्यू दोस्तों. इसके अलावा उन्होंने वीडियो कैप्शन में लिखा, ‘उन युवाओं का धन्यवाद जिन्होंने कल मेरा वीडियो देखा और काम के सुझाव भेजे.’

पीएम मोदी ने कल देर रात भी किया था वीडियो जारी
इससे पहले गुरुवार को पीएम मोदी ने एक वीडियो जारी किया था. यह वीडियो उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों के लिए जारी किया था. उन्होंने कहा कि फ्रेंड्स मैं जानता हूं कि पेपर लीक यह कोई मामूली विषय नहीं है. लाखों विद्यार्थी और उनके अभिभावकों के लिए बहुत ही पीड़ादायक है. इसलिए पेपर लीक घटना से अब तक पिछले ढाई महीनों में अनेक कदम उठाए गए. गुनहगारों को पकड़ा गया है. वे जेल में पड़े हैं. हमारा सबसे महत्वपूर्ण जिम्मा था कि विद्यार्थियों का एक वर्ष बर्बाद ना हो. तत्काल परीक्षाएं लेना बहुत जरूरी था.

मोदी ने कहा, ‘सरकार ने अभी पूरी शक्ति का उपयोग करके कम से कम समय में 22 लाख विद्यार्थियों के एग्जाम हो जाए इसका प्रबंध किया और अभी पांच-छह दिन पहले 19 तारीख को रिजल्ट भी आ गया. देश भर में उत्तीर्ण हुए विद्यार्थियों की खुशियों की खबरें भी आ रही हैं, लेकिन हम वहां पर संतोष मानने वाले लोगों में से नहीं है. इसलिए मैंने आज फास्ट ट्रैक कोर्ट के लिए विभागों को निर्देश दिए थे.
 
उन्होंने कहा, ‘आज विभागों ने लगातार मेहनत करके देर रात मुझे मसौदा भी दे दिया. फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर सजा के प्रावधान के साथ इस मसौदे पर कल कैबिनेट में चर्चा होगी. कैबिनेट के साथियों के सुझाव के बाद उसे अंतिम रूप दिया जाएगा. सोमवार से संसद का दूसरा सप्ताह शुरू हो रहा है, तब जल्द से जल्द उस बिल को सदन में पारित कराने का प्रयास किया जाएगा.’

 



‘कहीं लद्दाख जैसा न हो…’, सोनम वांगचुक ने क्यों तोड़ा अनशन? सामने आया असली कारण

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सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी 26 दिन लंबी भूख हड़ताल खत्म करने के फैसले पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने केंद्र सरकार की लिखित गारंटी मिलने के बाद ही अनशन समाप्त किया. उन्होंने बताया कि उन्हें डर था कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों और समर्थकों पर कभी भी बड़ी पुलिस कार्रवाई हो सकती है. इसी आशंका को देखते हुए उन्होंने हिंसा रोकने और छात्रों को सुरक्षित रखने के लिए अनशन खत्म करने का फैसला लिया.

शुक्रवार देर रात यूट्यूब पर जारी एक वीडियो में वांगचुक ने सरकार के साथ किसी भी तरह की डील होने के आरोपों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि उनका सबसे बड़ा उद्देश्य आंदोलन में शामिल छात्रों को हिंसा और कानूनी कार्रवाई से बचाना था. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बातचीत के दौरान उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग इसलिए नहीं उठाई क्योंकि उस समय उनकी प्राथमिकता छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई को रोकना थी. हालांकि उन्होंने विश्वास जताया कि धर्मेंद्र प्रधान आखिर में इस्तीफा देंगे.

‘दिल्ली में बड़ा एक्शन होने का था डर’

वांगचुक ने बताया कि आधी रात के करीब उन्हें सूचना मिली कि केंद्र सरकार के मंत्री लिखित आश्वासन देने के लिए तैयार हो गए हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें जल्द फैसला लेना पड़ा क्योंकि दिल्ली का माहौल ऐसा बन गया था कि किसी भी समय बड़ी कार्रवाई हो सकती थी. उन्होंने कहा कि वह लगातार खबरें देख रहे थे और उन्हें 24 सितंबर 2025 की घटना याद आ गई, जब लद्दाख के युवाओं पर पुलिस और सीआरपीएफ ने बेरहमी से फायरिंग की थी. उन्हें डर था कि कहीं दिल्ली में भी वैसी ही स्थिति न बन जाए. इसलिए उन्होंने सोचा कि यदि वह अनशन समाप्त कर शांति की अपील करेंगे तो हालात सामान्य हो सकते हैं.

‘अगर समझौता करना होता तो 26 दिन भूखा क्यों रहता?’

सरकार से समझौता करने के आरोपों पर वांगचुक ने कहा कि जो लोग उन पर सवाल उठा रहे हैं, वे उन परिस्थितियों से अनजान हैं जिनका उन्हें प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बाद सामना करना पड़ा. उन्होंने कहा कि अगर उन्हें सरकार से कोई समझौता ही करना होता तो वह 26 दिन तक भूखे क्यों रहते. उन्होंने कहा कि यदि डील करनी होती तो वह दिल्ली की गर्मी में अनशन करने के बजाय किसी एयर कंडीशन कमरे में बैठकर भी ऐसा कर सकते थे.

‘सफदरजंग अस्पताल में कैदी जैसा व्यवहार हुआ’

वांगचुक ने आरोप लगाया कि 18 जुलाई को उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाने के बाद उनके साथ कैदी जैसा व्यवहार किया गया. उन्होंने दावा किया कि उन्हें स्वतंत्र रूप से आने-जाने की अनुमति नहीं थी, लोगों से मिलने नहीं दिया गया और मोबाइल फोन व लैपटॉप तक रखने की इजाजत नहीं दी गई. उन्होंने कहा कि वहां का माहौल उत्तर कोरिया जैसा महसूस हो रहा था. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली हाईकोर्ट से मेदांता अस्पताल जाने की अनुमति मिलने के बावजूद उन्हें कई घंटों तक सफदरजंग अस्पताल से बाहर नहीं निकलने दिया गया.

जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से हुई मुलाकात

वांगचुक ने बताया कि मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह उनसे मिलने पहुंचे. उन्होंने कहा कि दोनों मंत्रियों ने कथित NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने के प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाया. साथ ही संसद में परीक्षा प्रणाली की जवाबदेही और परीक्षा सुधारों पर विस्तृत चर्चा कराने पर भी सहमति जताई.

‘लिखित आश्वासन मिलने तक नहीं खत्म करता अनशन’

वांगचुक ने कहा कि उन्होंने साफ कर दिया था कि जब तक उन्हें लिखित रूप में यह भरोसा नहीं मिलेगा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक वह अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे. उन्होंने बताया कि शुरुआत में सरकार मुआवजे और संसद में चर्चा के लिए तैयार थी, लेकिन छात्रों पर कोई मामला दर्ज नहीं करने का सिर्फ मौखिक भरोसा दिया जा रहा था. उन्होंने इस पर सहमति नहीं जताई और लिखित आश्वासन मिलने तक अपनी मांग पर अड़े रहे. आखिरकार सरकार ने लिखित गारंटी दी, जिसके बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त किया.

‘मेरा मकसद छात्रों को बचाना था, मंत्री का इस्तीफा नहीं’

वांगचुक ने दोहराया कि उनकी प्राथमिकता किसी मंत्री का इस्तीफा कराना नहीं थी. उन्होंने कहा कि उनका पूरा ध्यान इस बात पर था कि छात्रों को किसी तरह का नुकसान न हो और उनके खिलाफ एफआईआर या अन्य कानूनी कार्रवाई न की जाए. उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि आंदोलन आगे भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाता रहेगा.

‘साथियों और सांसदों की मौजूदगी में अनशन खत्म करना चाहता था’

वांगचुक ने कहा कि उनकी इच्छा थी कि जब वह अपना अनशन समाप्त करें, उस समय सांसद, कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रतिनिधि और लद्दाख से आए उनके साथी मौजूद रहें. लेकिन उनका आरोप है कि केंद्रीय मंत्रियों के देर रात पहुंचने से पहले उनके कई साथियों, छात्रों और समर्थन देने आए सांसदों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई. उन्होंने कहा कि उनके मन का सबसे बड़ा दुख यही है कि उनके साथी और आंदोलन का समर्थन करने वाले लोग उस समय उनके साथ नहीं थे, जब उन्होंने अपना अनशन समाप्त किया.

केंद्र की लिखित गारंटी के बाद खत्म हुआ 26 दिन का अनशन

सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात आधी रात के बाद अपना 26 दिन लंबा अनशन समाप्त किया. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने लिखित रूप में यह आश्वासन दिया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ मामले दर्ज नहीं करने के मुद्दे पर सरकार सकारात्मक रुख रखती है. इसके अलावा संसद में परीक्षा सुधार और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा कराने तथा कथित NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने के प्रस्ताव पर भी सकारात्मक विचार करने का भरोसा दिया गया.

वांगचुक ने अंत में एक बार फिर कहा कि उन्होंने अपना अनशन किसी राजनीतिक समझौते के कारण नहीं बल्कि छात्रों की सुरक्षा और आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए समाप्त किया. उनके अनुसार, उनकी सबसे बड़ी चिंता छात्रों का भविष्य था और यही कारण है कि उन्होंने लिखित आश्वासन मिलने तक अपनी मांग से समझौता नहीं किया.

‘AI का गलत इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं…’ फर्जी वीडियो पर भड़के केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, थाने में दर्ज कराई FIR

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Piyush Goyal on Deepfake Video: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अपने कथित बयान वाले वीडियो को पूरी तरह फर्जी और AI से तैयार किया गया डीपफेक बताया है. उन्होंने कहा कि संसद के बाहर मीडिया से की गई उनकी टिप्पणियों के साथ छेड़छाड़ कर AI की मदद से यह वीडियो तैयार किया गया है, ताकि लोगों के बीच गलत जानकारी फैलाई जा सके. गोयल ने कहा कि इस मामले में पुलिस शिकायत दर्ज करा दी गई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

 

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‘AI की मदद से तैयार किया गया डीपफेक वीडियो’

पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि संसद के बाहर मीडिया से की गई उनकी टिप्पणियों को जानबूझकर एडिट किया गया और AI की मदद से डीपफेक वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर फैलाया गया. उनका कहना है कि इसका मकसद लोगों को गुमराह करना और गलत सूचना फैलाना है. उन्होंने कहा कि इस तरह की हरकतें न सिर्फ भ्रामक हैं, बल्कि लोकतांत्रिक संवाद को भी नुकसान पहुंचाती हैं.

पुलिस में शिकायत, चाणक्यपुरी थाने में FIR दर्ज

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उन्होंने इस मामले में पुलिस शिकायत दर्ज करा दी है. उन्होंने कहा कि 25 जुलाई 2026 को सुबह 4:35 बजे नई दिल्ली के चाणक्यपुरी पुलिस स्टेशन में एफआईआर संख्या 123/26 दर्ज की गई है. गोयल ने स्पष्ट कहा कि इस फर्जी वीडियो को बनाने, सोशल मीडिया पर फैलाने या उसे बढ़ावा देने वाले सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

‘AI का गैर-जिम्मेदाराना इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा’

पीयूष गोयल ने कहा कि लोगों को गुमराह करने के लिए AI का इस तरह गैर-जिम्मेदाराना इस्तेमाल किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने से पहले केवल आधिकारिक और सत्यापित स्रोतों पर ही विश्वास करें. उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि भारत के जागरूक और तकनीक को समझने वाले नागरिक, खासकर युवा, इस तरह की भ्रामक सूचनाओं के झांसे में नहीं आएंगे.

क्या है वायरल वीडियो?

सोशल मीडिया पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में उन्हें कथित तौर पर यह कहते हुए सुनाया जा रहा है कि, “मेरा साफ मानना है कि हमें दो-तीन कॉकरोचों को सरेआम लटका देना चाहिए, ताकि इस कॉकरोच जनता पार्टी को हमारी ताकत का अंदाजा हो जाए. जब ये लोग अपने दो-तीन कॉकरोचों को इस तरह लटकते हुए देखेंगे, तो इनका सारा हुड़दंग शांत हो जाएगा.”

 

‘धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा नहीं दिया तो…’, CJP का क्या है ‘प्लान बी’? आशुतोष रांका ने दिया जवाब

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केंद्र सरकार के साथ हुई बैठक के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने साफ कर दिया है कि उसकी सबसे बड़ी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने कहा कि मुआवजे और कानूनी मामलों पर सरकार की ओर से सकारात्मक रुख जरूर देखने को मिला है, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अब तक कोई ठोस फैसला नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि अगर सरकार इस मांग पर स्पष्ट जवाब नहीं देती है तो ऐसी बैठकों का कोई मतलब नहीं रह जाता और पार्टी आगे की रणनीति पर काम करेगी.

‘मुआवजे और कानूनी मामलों पर सकारात्मक जवाब मिला’

आशुतोष रंका ने कहा कि सरकार के साथ हुई बैठक में मुआवजे और कानूनी मामलों को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली. उन्होंने बताया कि इन मुद्दों पर सहमति बनी है और उन्हें उम्मीद है कि आज सरकार की ओर से इस संबंध में लिखित सहमति भी मिल जाएगी. उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर बातचीत आगे बढ़ी है, लेकिन आंदोलन की मुख्य मांग अब भी अधूरी है.

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सरकार का यही रवैया रहा तो अपनाएंगे कड़ा रुख’

CJP  के  राष्ट्रीय प्रवक्ता ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार का यही रवैया जारी रहा तो पार्टी को मजबूर होकर आंदोलन को और तेज करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि अगर सरकार उनकी मुख्य मांगों पर फैसला नहीं करती है तो संगठन कड़ा रुख अपनाने के लिए बाध्य होगा.

सरकार की ओर से 47 एनटीए अधिकारियों को हटाए जाने के फैसले पर भी आशुतोष ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि इस फैसले के सभी पहलुओं को देखना होगा, लेकिन इससे मूल सवाल खत्म नहीं हो जाता. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी लगातार यही कह रही है कि अंतिम जवाबदेही शिक्षा मंत्री की है, क्योंकि NEET पेपर लीक और उसके बाद कथित तौर पर छात्रों की आत्महत्या जैसे मामलों की सीधी जिम्मेदारी शिक्षा मंत्रालय की बनती है.

‘शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना ही होगा’

ने कहा कि उनकी पार्टी का मानना है कि इन घटनाओं की नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की है और उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि पार्टी केवल इस्तीफे की मांग ही नहीं कर रही, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधारों को लेकर भी लगातार चर्चा कर रही है.

सरकार को सौंपा गया मांगों का चार्टर

आशुतोष ने बताया कि सरकार के साथ हुई बैठक के दौरान पार्टी ने अपनी मांगों का विस्तृत चार्टर भी सौंप दिया है. उन्होंने कहा कि यह मांगपत्र सरकार को औपचारिक रूप से दे दिया गया है और अब पार्टी को सरकार के अगले कदम का इंतजार है. साथ ही उन्होंने दोहराया कि आंदोलन की दिशा आगे सरकार के रुख पर निर्भर करेगी.



CJP और सरकार के बीच तीसरे दौर की बैठक, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होगा या नहीं? पढ़ें अपडेट

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पेपर लीक और एजुकेशन सिस्टम में सुधार को लेकर जारी आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और केंद्र सरकार के बीच आज शनिवार (25 जुलाई) को दोपहर साढ़े तीन बजे तीसरे दौर की अहम बैठक होगी. इस बातचीत में एक बार फिर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग सबसे प्रमुख मुद्दा रहने की संभावना है.

शुक्रवार को दोनों पक्षों के बीच दूसरे दौर की बातचीत हुई थी. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि सीजेपी ने सरकार के सामने 3 प्रमुख मांगें और परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़े 5 सुझाव रखे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार कर रही है. हालांकि सीजेपी ने साफ कर दिया है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर वह किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी. 

सीजेपी नेताओं का कहना है कि तीसरे दौर की बातचीत में सरकार को इस मुद्दे पर अपना स्पष्ट रुख बताना होगा. बैठक के बाद सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने दावा किया कि सरकार ने आंदोलन के दौरान आत्महत्या करने वाले छात्रों के स्वजन को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग पर सैद्धांतिक सहमति जताई है. हालांकि सरकार की ओर से इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

सरकारी सूत्रों का कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का सवाल नहीं उठता. सरकार का मानना है कि पद छोड़ना समाधान नहीं है और वह शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाकर जवाब देना चाहती है. देशभर में सीजेपी का आंदोलन जारी है. कई विपक्षी दल, जिनमें कांग्रेस भी शामिल है छात्रों की मांगों और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग का समर्थन कर रहे हैं.

इन्हीं सब मुद्दों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 26 दिनों का आमरण अनशन कर चुके हैं, जिसके बाद सरकार और सीजेपी के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ. अब सबकी निगाहें आज दोपहर होने वाली तीसरे दौर की वार्ता पर टिकी हैं. 

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दुर्गा पूजा 2026 के दौरान होगा तगड़ा धमाका, 'बहुरूपी: द गोल्डन डाकू' को लेकर तगड़ा ऐलान

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Bahuroopi: बोहुरूपी की शानदार सफलता के बाद, चर्चित फिल्मकार जोड़ी नंदिता रॉय और शिबोप्रसाद मुखर्जी इस दुर्गा पूजा 2026 पर अपनी नई और पहले से भी अधिक भव्य फिल्म बोहुरूपी: द गोल्डन डाकू के साथ लौट रहे हैं। इस उत्साह को और बढ़ाते हुए..

‘पूरे देश में होगा…’, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी CJP, मीटिंग से ठीक पहले केंद्र सरकार को दिया अल्टीमेटम

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CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा है कि संगठन को मुआवजे और कानूनी कार्रवाई से जुड़े मुद्दों पर आज एक लिखित समझौता मिलने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि आंदोलन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार के साथ बातचीत चल रही है और संगठन को उम्मीद है कि इन विषयों पर आश्वासन दिया जाएगा. आशुतोष रांका ने कहा कि आंदोलन की सबसे प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से जुड़ी है. उन्होंने कहा कि संगठन सरकार की ओर से इस मांग पर आने वाली प्रतिक्रिया का भी इंतजार कर रहा है.

आशुतोष रांका ने कहा कि अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. उनके अनुसार, ऐसी स्थिति में सीजेपी को जल्द ही आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए एक नया देशव्यापी आह्वान जारी करना पड़ सकता है. रांका ने कहा कि आंदोलन से जुड़े लोग अपनी मांगों को लेकर गंभीर हैं और उन्हें उम्मीद है कि सरकार उनकी बातों पर सकारात्मक निर्णय लेगी. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आगे की रणनीति सरकार की प्रतिक्रिया और बातचीत के नतीजों पर निर्भर करेगी.

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CJP का मुख्य मुद्दा क्या है?

CJP का कहना है कि मुआवजे, कानूनी कार्रवाई और जवाबदेही जैसे मुद्दों पर ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है. संगठन का मानना है कि इन मामलों में स्पष्ट निर्णय और जिम्मेदारी तय होना जरूरी है, ताकि छात्रों और उनके परिवारों की चिंताओं का समाधान हो सके. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में आंदोलन की दिशा को लेकर फैसला लिया जाएगा और अगर प्रमुख मांगों पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो विरोध प्रदर्शन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है.

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‘मेट्रो बंद करो, रास्ते बंद करो और…’, राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर कसा तंज, पीएम मोदी को लेकर क्या कहा?

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राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बीच 18 मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने के फैसले पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के आंदोलन को रोकने के लिए मेट्रो स्टेशन बंद कर सकती है, सड़कों पर पाबंदियां लगा सकती है, इंटरनेट सेवाएं बाधित कर सकती है और आम लोगों की आवाजाही मुश्किल बना सकती है, लेकिन बार-बार हो रहे पेपर लीक को रोकने में पूरी तरह विफल रही है. राहुल गांधी ने कहा कि अपने अधिकारों की मांग कर रहे छात्रों के साथ सरकार का रवैया बेहद कठोर और असंवेदनशील है.

राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने लिखा, “मेट्रो बंद करो. रास्ते बंद करो. दुकानें बंद करो. Internet बंद करो. खाना बंद करो. अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए. बस एक चीज बंद नहीं कर पाए, मोदी जी – पेपर लीक.”

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18 मेट्रो स्टेशन अगले आदेश तक बंद

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने शनिवार सुबह 7:30 बजे से राजधानी के 18 मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद रखने की घोषणा की. डीएमआरसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि सुरक्षा कारणों से यह फैसला लिया गया है और अगले निर्देश तक इन स्टेशनों पर यात्रियों का प्रवेश और निकास बंद रहेगा. हालांकि, राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी. डीएमआरसी ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद भी जताया है.

नई दिल्ली स्टेशन बंद करने की वजह नहीं बताई

डीएमआरसी ने अपने आधिकारिक बयान में यह जरूर बताया कि नई दिल्ली सहित 18 मेट्रो स्टेशन बंद किए जा रहे हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि नई दिल्ली स्टेशन को बंद करने के पीछे क्या विशेष कारण है.

इन मेट्रो स्टेशनों पर लगी रोक

जिन मेट्रो स्टेशनों को बंद किया गया है उनमें लोक कल्याण मार्ग, नई दिल्ली, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम और झंडेवालान शामिल हैं. झंडेवालान स्टेशन को बाद में इस सूची में जोड़ा गया.

20 जुलाई के प्रदर्शन के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा

इन स्टेशनों को 20 जुलाई को हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद बंद किया गया है. उस दिन कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों और बड़ी संख्या में छात्रों ने जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला था. प्रदर्शनकारी कथित NEET पेपर लीक समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रही गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए राजधानी के कई इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था. इसके बाद से दिल्ली में सुरक्षा इंतजाम और सख्त कर दिए गए हैं.

Education Minister Dharmendra Pradhan resigns; Abhijit Dipke reaction goes viral

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Dharmendra Pradhan resigns: कॉकरोच जनता पार्टी ने जो मुहिम शुरु की थी उसमें उनको कामयाबी मिल गई है। जी हां, जंतर मंतर में चल रहे प्रोटेस्ट का असर दिखा है और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है।

Dharmendra Pradhan

इस खबर के सामने आते ही सीधे जंतर मंतर से एक वीडियो सामने आया है जिसने लोगों खुश कर दिया है। सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके का रिएक्शन इस खबर को सुनकर ऐसा था कि आप भी उछल पड़ेंगे।

काफी समय से NEET पेपर लीक पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को कामयाबी मिल गई है। अभिजीत दीपके इसी मुद्दे के साथ भारत आए थे और वो कामयाब हुए हैं। सोनम वांगचुक का अनशन और छात्रों की मेहनत रंग लाई है।

खुशी से इमोशनल हो गए अभिजीत

वायरल वीडियो में आप देखेंगे कि अभिजीत दीपके पहले इमोशनल होकर बैठ जाते हैं फिर वहां पर छात्रों को संबोधित करते हुए ये खबर उनको देते हैं। इसके बाद छात्रों के चिल्लाने की आवाज आपको साफ साफ सुनाई देगी। जंतर मंतर पर इसके पहले भी कई आंदोलन हुए हैं लेकिन आजाद भारत का ये आंदोलन सदियों तक याद रखा जाएगा। पीएम मोदी ने भी सामने आकर ये साफ किया था जो कि भी गुनाहगार हैं उनको सजा होगी और फास्ट ट्रैक में मामला चलेगा।

कमेंट्स कर रहे हैं लोग

मोदी सरकार के झुकने के बाद शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेने के बाद लोगों के ढेरों कमेंट्स आ रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, ”ये देश की जीत है।” एक ने लिखा, ”प्लीज़ मुझे बताइए कि यह सच है, या क्या बात है, क्योंकि मैं इस खबर को लेकर बहुत उत्साहित हूँ। अल्लाह का शुक्र है, अल्हम्दुलिल्लाह।” एक ने लिखा, ”अब मोदी के इस्तीफ़े का समय आ गया है।” एक ने लिखा, ”बहुत बढ़िया बच्चों, अब PM को जाना होगा।” एक ने लिखा, ”मेहनत रंग लाई।”

बता दें कि इस आंदोलन में सलमान खान समेत कई सितारे भी साथ थे और बच्चों के हक में ही बात की थी।

बैरिकेड्स और लोहे की चादरों से जंतर मंतर प्रोटेस्ट साइट सील, भारी पुलिस फोर्स के साथ सड़कें बंद

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CJP के नेतृत्व में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच दिल्ली के जंतर-मंतर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है. प्रदर्शन लगातार जारी रहने के कारण प्रशासन ने पूरे जंतर-मंतर क्षेत्र को बैरिकेड लगाकर सील कर दिया है. इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. जंतर-मंतर के आसपास आने-जाने वाले रास्तों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी तरह की अप्रिय घटना न हो.

सुरक्षा एजेंसियां पूरे इलाके पर नजर बनाए हुए हैं. प्रदर्शन के चलते जंतर-मंतर और उसके आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं. फिलहाल जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा बल तैनात है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है. हालांकि, पूरे इलाके में लोहे के बड़े-बड़े बैरिकेट्स को जंजीरों से लपेटा गया है. उन्हें जगह-जगह पर सील किया गया है, ताकी कोई भी प्रदर्शनकारी उसमें सेंध न लगा सके.

 

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जंतर-मंतर पर इंटरनेट सेवाएं बंद

जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी प्रदर्शन के बीच मध्य दिल्ली के कुछ इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दिए गए हैं. CJP 20 जून से मध्य दिल्ली में प्रदर्शन कर रही है और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है. इस बीच कानूनी सेवा संगठन सॉफ्टवेयर फ्रीडम लॉ सेंटर ने अपनी याचिका में केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से 17, 20, 22 और 23 जुलाई को मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने के लिए जारी किए गए आदेशों को रद्द करने का अनुरोध किया.

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