Lok Sabha Expels Mahua Moitra: कैश फॉर क्वेरी मामले में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी की सांसद महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता रद्द कर दी गई है. इस सबंध में लोकसभा से प्रस्ताव पास हुआ. इस कार्रवाई का विरोध कर रहे सांसदों ने सदन में जमकर हंगामा किया. महुआ मोइत्रा के समर्थन में तमाम विपक्षी सांसद संसद भवन के बाहर आए. इसमें सोनिया गांधी भी शामिल थीं.
इससे पहले लोकसभा की एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट पर आधे घंटे से अधिक चर्चा हुई. इस दौरान स्पीकर ओम बिरला ने मोइत्रा को बोलने का मौका नहीं दिया. उन्होंने कहा कि मोइत्रा कमेटी के सामने अपनी बात रख चुकी हैं.
VIDEO | TMC chief Mahua Moitra, together with Congress Parliamentary Occasion chairperson Sonia Gandhi and different opposition leaders, walks out of the Parliament.
Opposition members walked out of Lok Sabha because the Home voted to expel Mahua Moitra for ‘unethical conduct’. pic.twitter.com/PDK1KJ0LiY
— Press Belief of India (@PTI_News) December 8, 2023
महुआ मोइत्रा क्या बोलीं?
संसद सदस्यता रद्द होने पर मोइत्रा ने कहा कि मैंने अडानी का मुद्दा उठाया था जिस वजह से मुझे संसद की सदस्यता से बर्खास्त किया गया है. एथिक्स कमिटी के सामने मेरे खिलाफ कोई भी मुद्दा नहीं था, कोई सबूत नहीं थे. बस उनके पास केवल एक ही मुद्दा था की मैंने अडाणी का मुद्दा उठाया था.
कांग्रेस का निशाना
कांग्रेस ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ आचार समिति की रिपोर्ट पर शुक्रवार को लोकसभा में ‘आनन-फानन’ में चर्चा कराये जाने का आरोप लगाया. पार्टी ने कहा कि यह ‘प्राकृतिक न्याय’ के सिद्धांत का उल्लंघन है. यदि सदस्यों को रिपोर्ट पढ़ने के लिए तीन-चार दिन दे दिए गए होते तो ‘आसमान नहीं टूट पड़ता’.
कांग्रेस की ओर से मनीष तिवारी ने कहा कि वकालत पेशे में 31 साल के करियर में उन्होंने जल्दबाजी में बहस जरूर की होगी, लेकिन सदन में जितनी जल्दबाजी में उन्हें चर्चा में हिस्सा लेना पड़ रहा है, वैसा कभी उन्होंने नहीं देखा.
टीएमसी क्या बोली?
वहीं टीएमसी के सांसद कल्याणा बनर्जी ने लोकसभा में चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि यह नियमों और संविधान के खिलाफ हो रहा है. महुआ मोइत्रा को बोलने का मौका दिया जाना चाहिए. वहीं बीजेपी के सांसदों ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा का उल्लंघन हुआ है.



