तेलंगाना के नागरकर्नूल जिले में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जो प्रशासनिक तैयारी और उसके बेनतीजा साबित होने की मिसाल बन गया. इंटर ब्रिज कोर्स परीक्षा के दौरान महज एक छात्र के लिए पूरा परीक्षा केंद्र स्थापित किया गया, लेकिन जब परीक्षा का वक्त आया तो वह छात्र खुद ही नदारद रहा. नतीजतन, 5 कर्मचारी घंटों खाली बैठे रहे और पूरी व्यवस्था धरी की धरी रह गई.
नागरकर्नूल जिले में इंटर ब्रिज कोर्स की परीक्षा आयोजित की जा रही थी. इस परीक्षा में केवल एक ही छात्र पंजीकृत था कम्मरी वरुण संदेश. नियमों और प्रक्रिया का पालन करते हुए जिला शिक्षा अधिकारियों ने उस एकमात्र छात्र के लिए एक विशेष परीक्षा केंद्र स्थापित किया. केंद्र पर पर्यवेक्षक समेत 5 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई और पूरी तैयारी की गई.
इंटर ब्रिज कोर्स परीक्षा की घटना
यह घटना तेलंगाना राज्य के नागरकर्नूल जिले में इंटर ब्रिज कोर्स परीक्षा के निर्धारित दिन हुई. परीक्षा केंद्र को विधिवत रूप से तैयार किया गया था और सभी औपचारिकताएं पूरी की गई थीं. परीक्षा देने वाला एकमात्र छात्र कम्मरी वरुण संदेश था, जो इंटर ब्रिज कोर्स में नामांकित था. इस कोर्स के तहत परीक्षा में केवल यही एक छात्र पंजीकृत था, जिसके चलते प्रशासन ने उसके लिए अलग से केंद्र बनाने का निर्णय लिया.
पूरे दिन नागरकर्नूल परीक्षा केंद्र खाली पड़ा रहा
अधिकारियों के अनुसार, नियमानुसार पंजीकृत छात्रों के लिए परीक्षा केंद्र की व्यवस्था करना अनिवार्य है, चाहे छात्र एक ही क्यों न हो. इसलिए प्रशासन ने अपनी ज़िम्मेदारी निभाते हुए पूरी तैयारी की. लेकिन वरुण संदेश परीक्षा देने के लिए केंद्र पर उपस्थित ही नहीं हुआ. उसकी अनुपस्थिति का कारण अभी तक सामने नहीं आया है. पूरे दिन केंद्र खाली पड़ा रहा और कर्मचारी बिना किसी काम के बैठे रहे. यह नज़ारा प्रशासनिक संसाधनों की बर्बादी का उदाहरण बन गया और स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय बन गया.



