PFI आपराधिक साजिश मामलाः NIA ने पटना के स्पेशल कोर्ट में दो और आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

PFI आपराधिक साजिश मामलाः NIA ने पटना के स्पेशल कोर्ट में दो और आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बिहार के चर्चित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) आपराधिक साजिश मामले में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. एनआईए ने इस मामले में बिहार की राजधानी पटना स्थित विशेष अदालत में दो और आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है.

यह मामला साल 2022 में दर्ज हुआ था, जिसमें प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर देश में शांति और धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश का आरोप है.

मामले में कुल गिरफ्तार और आरोपित लोगों की संख्या बढ़ी

एनआईए की ओर से पटना की विशेष अदालत में दायर पूरक चार्जशीट के बाद अब इस मामले में कुल गिरफ्तार और आरोपित व्यक्तियों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है.

जांच एजेंसी के अनुसार, बिहार में PFI के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष महबूब आलम उर्फ महबूब आलम नदवी और उपाध्यक्ष शमीम अख्तर इस साजिश में सक्रिय रूप से शामिल थे. इन दोनों पर भारतीय न्याय संहिता (IPC) और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं.

एजेंसी की जांच में क्या हुआ खुलासा?

NIA की जांच में इस बात का खुलासा किया गया है कि यह साजिश देश में डर का माहौल पैदा करने, धार्मिक वैमनस्य फैलाने और संगठन की विचारधारा को बढ़ावा देने के लिए रची गई थी. जांच के मुताबिक, PFI के एक आंतरिक दस्तावेज ‘India 2047 Towards Rule of Islam in India’ में भारत में इस्लामिक शासन स्थापित करने की बात कही गई थी.

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों की ओर से बिहार में PFI कैडरों की भर्ती और प्रशिक्षण कराया जा रहा था. पटना के फुलवारीशरीफ इलाके में स्थित अहमद पैलेस में बैठकों और ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे, जहां से पुलिस ने संगठन का विजन डॉक्यूमेंट भी बरामद किया था. शुरुआत में इस मामले की जांच बिहार पुलिस की ओर से की जा रही थी, लेकिन जुलाई, 2022 में इस केस को राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अपने हाथों में ले लिया. फिलहाल इस मामले में जांच और कार्रवाई जारी है.

यह भी पढ़ें : जंग उनकी, फिर हमारी रसोई में आफत क्यों? ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच एनर्जी ट्रैप में कैसे फंसा भारत