Nitasha Kaul Action: भारतीय मूल की लेखिका निताशा कौल का OCI रद्द! दिल्ली हाई कोर्ट में सरकार के फैसले को दी चुनौती

Nitasha Kaul Action: भारतीय मूल की लेखिका निताशा कौल का OCI रद्द! दिल्ली हाई कोर्ट में सरकार के फैसले को दी चुनौती



ब्रिटेन में रहने वाली भारतीय मूल की लेखिका, शिक्षिका और प्रसिद्ध अकादमिक निताशा कौल ने केंद्र सरकार के उस फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उन्हें भारत आने से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था और उनका ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया कार्ड भी रद्द कर दिया गया था. उनकी याचिका पर 25 नवंबर को जस्टिस सचिन दत्ता की अदालत में सुनवाई होगी.

निताशा कौल यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टमिंस्टर लंदन में इंटरनेशनल रिलेशंस की प्रोफेसर हैं. कश्मीरी पंडित परिवार से ताल्लुक रखने वाली कौल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से इकोनॉमिक्स की पढ़ाई की और फिर ब्रिटेन से इकॉनॉमिक्स और फिलॉसफी में संयुक्त पीएचडी की. वे कश्मीर, राष्ट्रवाद और हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों पर लंबे समय से लिखती और बोलती रही हैं. 2019 में आर्टिकल 370 हटने के बाद उन्होंने अमेरिकी संसद की विदेशी मामलों की समिति के सामने कश्मीर में मानवाधिकारों पर गवाही भी दी थी, जिसके बाद से वे अक्सर चर्चा में रहने लगीं.

साल 2024 में भारत आई थीं निताशा कौल
फरवरी 2024 में निताशा कौल बेंगलुरु एक सम्मेलन में शामिल होने आई थीं. यह कार्यक्रम संविधान और राष्ट्रीय एकता विषय पर था और कर्नाटक सरकार द्वारा आयोजित किया जा रहा था. उनके पास वैध ब्रिटिश पासपोर्ट और OCI कार्ड था फिर भी उन्हें एयरपोर्ट पर ही रोक लिया गया. करीब 24 घंटे हिरासत में रखने के बाद उन्हें वापस भेज दिया गया. इसके बाद मई 2025 में सरकार ने उनका OCI स्टेटस रद्द कर दिया. सरकार की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया कि कौल की लिखाई और उनके भाषण भारत-विरोधी हैं और वे देश की संप्रभुता को निशाना बनाते हैं.

निताशा कौल ने सरकार के फैसले को दी चुनौती 
दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल याचिका में निताशा कौल ने अदालत में दलील दी है कि बिना किसी ठोस आधार के उनका OCI रद्द करना और उन्हें भारत आने से रोकना उनके अधिकारों का उल्लंघन है. दिल्ली हाई कोर्ट 25 नवंबर को मामले की सुनवाई करेगा.

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