Manipur Violence Amid Internet Ban Kukis Publish Own Newspaper To Keep Tribe Updated


Manipur Internet Ban: मणिपुर के हालातों को देखते हुए राज्य में इंटरनेट सेवा बंद है. बुधवार (26 जुलाई) को कुछ इलाकों में इंटरनेट सर्विस बहाल कर दी गई. इस बीच अपने लोगों से जुड़ने के लिए कूकी समुदाय ने अपना न्यूजपेपर शुरू किया है. इसके जरिए वह समुदाय के लोगों तक महत्वपूर्ण जानकारियां पहुंचाने का काम कर रहा है. हर दिन अखबार की 1000 कॉपियां छापी जा रही हैं.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘जेलन अवगिन’ नाम से यह न्यूज पेपर जारी किया गया है और कांगपोकपी शहर में रहने वाले कूकी समुदाय के लोगों ने यह पहल शुरू की है. इसका मकसद लोगों तक समुदाय से जुड़ी खबरें पहुंचाना है. 

हर दिन छापी जा रहीं 1000 कॉपियां
अखबार के असिस्टेंट एडिटर हाओपु ने बताया कि अपने सूत्रों से मिली जानकारी की मदद से वह अखबार में खबरें पब्लिश कर रहे हैं और हर दिन 1000 कॉपियां छापी जा रही हैं और पूरे शहर में बांटी जाती हैं. इसके अलावा, शहर में जगह-जगह पर इंफोर्मेशन सेंटर भी बनाए गए हैं.

समुदाय के लोगों तक पहुंचाई जा रहीं खबरें
इसमें प्रदर्शन, हिंसा और कूकी नेतृत्व की योजनाओं से जुड़ी खबरें भी छापी जाती हैं. उन्होंने बताया कि लिमिटेड इंटरनेट होने क वजह से उन्हें थोड़ी मुश्किल हो रही है, लेकिन फिर भी वह जानकारियां इकट्ठा करने के पूरे प्रयास कर रहे हैं. अखबार के डिस्ट्रीब्यूटर मोनम ने बताया कि वह शहर के हर कोने तक न्यूजपेपर देने जाते हैं.

3 मई से मणिपुर में जारी हिंसक घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं. मैतई और कूकी के बीच जारी गतिरोध के चलते हुई हिंसक घटनाओं में अभी तक 142 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. इस बीच मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफे भी मांग उठने लगी है. उधर, संसद के मानसून सत्र में भी इस मुद्दे को लेकर दोनों सदनों में शोरशराबा हो रह है. विपक्ष मांग कर रहा है कि पीएम मोदी सदन में इस पर बयान दें और चर्चा करें. विपक्ष ने बुधवार को लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी पेश किया.