Madhya Pradesh Election Result 2023 Who Will Be Chief Minister Of MP Shivraj Singh Chouhan Or Someone Else

Madhya Pradesh Election Result 2023 Who Will Be Chief Minister Of MP Shivraj Singh Chouhan Or Someone Else


मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रचंड जीत की ओर बढ़ रही है. इस बार के चुनाव में पार्टी ने कई प्रयोग किए, जिनमें एक यह भी था कि चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्रियों को सौंपी गई. पिछले चुनावों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जितने सक्रिय नजर आते थे, उतने इस बार नहीं दिखे. तीसरी लिस्ट तक तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम का ऐलान भी नहीं किया गया था और पार्टी की जन आशीर्वाद यात्रा की जिम्मेदारी भी केंद्रीय मंत्रियों को सौंपी गई. हालांकि, शिवराज सिंह चौहान की मेहनत और उनकी महिलाओं के लिए कल्याणकारी योजनाओं को जिस तरह की पॉपुलैरिटी देखने को मिली, उसे अनदेखा करना पार्टी के लिए बहुत मुश्किल होगा.

पार्टी ने उन्हें इसलिए सीएम का उम्मीदवार नहीं बनाया ताकि एंटी इनकंबेंसी को खत्म किया जा सके. हालांकि, चुनावी रुझानों को लेकर शिवराज ने कहा कि प्रदेश में कोई विरोधी लहर नहीं है कुछ कांग्रेस नेताओं ने ये झूठी अफवाहें फैलाई हैं. अब बीजेपी के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि वह मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री किसको बनाएगी क्योंकि मुख्यमंत्री उम्मीदवार का ऐलान नहीं किया गया. पार्टी के सामने स्थिति पूरी तरह से उल्टी हो गई है, पार्टी जिस शिवराज को किनारे लगाने की कोशिश कर रही थी वह सबसे बड़े बाहुबली बनकर उभरे हैं.

जीत का श्रेय किसको
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की लाडली योजना, महिलाओं के लिए सरकारी नौकरी में 35 फीसदी कोटा जैसी महिला कल्याणकारी योजनाओं ने अहम रोल निभाया है. जनता खासतौर से महिलाएं शिवराज की यजनाओं से इतनी ज्यादा प्रभावित थीं कि उन्हें भर-भर कर वोट मिले हैं. इस दौरान, शिवराज ने लोगों से इमाश्नली कनेक्शन भी बनाया. कई मौकों पर वह बेहद भावुक नजर आए. एक कार्यक्रम में उन्होंने वोटर्स से कहा था कि अगर वह चले गए, तो बहुत याद आएंगे. महिला मतदाताओं में उनकी काफी पॉपुलैरिटी है और मध्य प्रदेश में कुल 2.67 करोड़ यानी 48.36 फीसदी महिला मतदाता हैं और लाडली बहना योजना की सूबे में 1 करोड़ 31 लाख लाभार्थी हैं. ये सब बातें शिवराज के लिए तो फायदेमंद है, लेकिन पार्टी लीडरशिप के सामने यह संकट बन गया है कि जीत का श्रेय किसको दे केंद्रीय लीडरशिप या शिवराज को.

शिवराज को घोषित नहीं किया सीएम फेस
पार्टी हाईकमान ने इस बार शिवराज सिंह चौहान के नाम का ऐलान मुख्यमंत्री के तौर पर नहीं किया था. अब तो उन्हें बंपर वोट मिला तो पार्टी हाईकमान क्या करेगा. क्‍या बीजेपी प्रचंड जीत के बाद भी सीएम बदल देगी. पार्टी हाईकमान ने इस बार शिवराज को चुनाव प्रचार में पीछे रखकर खुद मोर्चा संभालने का फैसला किया. चुनावी मैदान में भी 3 केंद्रीय मंत्रियों समेत 7 सांसदों को उतार दिया. पार्टी ने मुख्यमंत्री चेहरे के तौर पर शिवराज सिंह चौहान के नाम का ऐलान इसलिए नहीं किया क्योंकि वह एंटी इंकमबेंसी को खत्म करना चाहती थी. हालांकि, अब पार्टी हाईकमान के सामने तस्वीर बिल्कुल पलट गई है.

कर्नाटक में सफल नहीं हुआ था ऐसा प्रयोग
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के खिलाफ एंटी इंकमबेंसी को खत्म करने के लिए पार्टी ने पूरा जोर लगा दिया था. इन चुनावों में भी पार्टी ने मुख्यमंत्री के बजाय केंद्रीय मंत्रियों को चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी थी. पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह ने खूब रैलियां कीं. यहां तक की उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी चुनाव प्रचार के लिए कर्नाटक पहुंचे थे. हालांकि, चुनाव में बीजेपी को कोई फायदा नहीं हुआ.

शिवराज सिंह चौहान नहीं तो कौन होगा एमपी का सीएम
अगर शिवराज सिंह चौहान को बीजेपी मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री नहीं बनाती है तो कौन सीएम बन सकता है. इस रेस में ज्योतिरादित्य सिंधिया, नरेंद्र सिंह तोमर, कैलाश विजयवर्गीय, प्रह्लाद सिंह पटेल और वीडी शर्मा का नाम शामिल है. अब शिवराज के लिए तो कोई दिक्कत नहीं लेकिन पार्टी के लिए संकट यह है कि अगर वह शिवराज की मेहनत को दरकिनार कर किसी और को मुख्यमंत्री पद के लिए चुनती है तो शिवराज विक्टिम कार्ड का सहारा ले सकते हैं.

यह भी पढ़ें:-
MP Election Result 2023: मैं शिवराज बोल रहा हूं… मामा के आंसुओं से कैसे भर गए EVM और बैलेट बॉक्‍स!