मिडल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर एलपीजी की सप्लाई प्रभावित हुई है. इसका असर भारत में भी देखने को मिल रहा है. गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन के अनुसार, कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी की वजह से कई रेस्टोरेंट, ढाबे, क्लाउड किचन और स्ट्रीट फूड वेंडर्स प्रभावित हुए हैं. इसके चलते फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स पर ऑर्डर कम हो गए हैं. पहले जहां कई डिलीवरी पार्टनर रोज करीब 50 ऑर्डर करते थे, वहीं अब यह संख्या घटकर 25 से 28 तक रह गई है. यूनियन ने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए सरकार से गिग वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा और मदद की मांग की है.
LPG क्राइसिस पर गिग वर्कर्स ने बताई अपनी परेशानी
गिग वर्कर संजय कुमारः इस एलपीजी संकट के कारण आर्डर पहले की तुलना में काफी कम आ रहे हैं. अब ऑर्डर मिलने के लिए पहले से ज्यादा इंतजार करना पड़ता है. पहले दिन में 30 से 40 ऑर्डर हो जाते थे, लेकिन अब आंकड़ा लगभग 20 से 25 तक ही सिमट कर रह गया है. दूरी के हिसाब से मिलने वाला पैसा भी कम हो गया है. एलपीजी संकट के कारण कई जगह खाना बन नहीं पा रहा है, जिससे ऑर्डर और कम हो गए हैं. बाजार में गैस सिलेंडर ब्लैक में लगभग 4,000 रुपये में बिक रहा है, जो हमारे जैसे लोगों के लिए खरीदना बहुत मुश्किल है.
गिग वर्कर अजीत सिंहः पहले सुबह से शाम तक लगभग 50 ऑर्डर डिलीवर कर लेता था, लेकिन अब करीब 35 ऑर्डर ही मिल पाते हैं. मैं दिल्ली में किराये के मकान में रहता हूं और रोजमर्रा का खर्च भी काफी बढ़ गया है. ढाबों पर खाना महंगा हो गया है और कई जगह चाय या सही खाना भी नहीं मिल पा रहा है. घर पर भी सिलेंडर मिलने में परेशानी हो रही है.
गिग वर्करः हम पहले से ही इलेक्ट्रिक चूल्हे का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन ऑर्डर कम होने से कमाई पर असर पड़ा है. जो आम आदमी मजदूरी करके अपना घर चलाता है, उस पर इस संकट का सीधा असर पड़ रहा है. हममें से कई लोग दिल्ली में अकेले रहते हैं और रोज की कमाई से ही खर्च चलाते हैं.
गिग वर्करः सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीनी स्तर पर लोगों को काफी परेशानी हो रही है. मंत्री हरदीप सिंह पुरी को आकर खुद हालात देखने चाहिए. कई जगह सिलेंडर लगभग 4,000 रुपये में बिक रहा है, जो आम लोगों के लिए खरीदना बहुत मुश्किल है.
गिग वर्कर सैयद आलमः इस एलपीजी संकट की वजह से ऑर्डर में काफी गिरावट आई है. पहले मैं हर रोज 50 से ज्यादा ऑर्डर डिलीवर कर लेता था और लगभग 1,800 रुपये तक कमा लेता था. अब 15-15 घंटे काम करने के बावजूद 1,000 रुपये तक भी कमाई नहीं हो पा रही है. पहले जिस समय में 10-12 ऑर्डर पूरे हो जाते थे, अब उसी समय में सिर्फ 3-4 ऑर्डर ही मिलते हैं. एक ऑर्डर से मिलने वाला मुनाफा भी कम हो गया है. अब घर के लिए इंडक्शन चूल्हा खरीदने के बारे में सोच रहा हूं ताकि कुछ खर्च कम किया जा सके.



