Farmers Protest: किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने बृहस्पतिवार (5 दिसंबर) को कहा कि 101 किसानों का एक ‘जत्था’ शंभू बॉडर विरोध प्रदर्शन स्थल से शुक्रवार अपराह्न एक बजे दिल्ली के लिए पैदल मार्च शुरू करेगा. हालांकि, अंबाला जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत एक आदेश जारी किया है, जिसमें जिले में पांच या अधिक व्यक्तियों की किसी भी गैरकानूनी सभा पर रोक है.
उपायुक्त द्वारा जारी आदेश के मुताबिक अगले आदेश तक पैदल, वाहन या अन्य साधनों से कोई भी जुलूस निकालने पर रोक लगा दी गयी है. किसानों की दिल्ली मार्च करने की योजना को लेकर अंबाला में पुलिस ने भी बृहस्पतिवार को अलर्ट जारी किया और वहां सुरक्षा स्थिति का आकलन करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को सीमा पर भेजा. हरियाणा सीमा पर बहुस्तरीय बैरिकेडिंग किए जाने के अलावा केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को भी तैनात किया गया है.
सरवन सिंह पंधेर ने कही ये बात
सरवन सिंह पंधेर ने बृहस्पतिवार को शंभू बॉर्डर पर संवाददाता सम्मेलन में कहा, “जत्था दिल्ली की ओर मार्च करेगा. सरकार क्या करेगी, यह उसे सोचना है. हम अपराह्न एक बजे शंभू बॉर्डर से दिल्ली की ओर कूच करेंगे.” उन्होंने कहा कि अगर अब भी सरकार उन्हें मार्च निकालने से रोकती है तो यह उनके लिए नैतिक जीत होगी.
उन्होंने कहा, ‘केंद्र और राज्यों में उनके नेता नियमित रूप से कहते रहे हैं कि अगर किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली नहीं लाते हैं, तो कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए. इसलिए अगर हम पैदल दिल्ली जाते हैं, तो किसानों को रोकने का कोई कारण नहीं होना चाहिए.’
संयुक्त किसान मोर्चा की हैं ये मांगें
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) एवं किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में इससे पहले पैदल दिल्ली कूच करने की घोषणा की थी. उनकी मांगों में फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी और कई अन्य मांग शामिल हैं. सुरक्षा बलों द्वारा दिल्ली की ओर मार्च रोके जाने के बाद वे 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी बॉर्डर पर डेरा डाले हुए हैं.
पुलिस अधीक्षक ने की शांति बनाए रखने की अपील
बृहस्पतिवार को अंबाला में पत्रकारों से बात करते हुए पुलिस अधीक्षक सुरिंदर सिंह भोरिया ने सभी किसानों से शांति बनाए रखने और दिल्ली मार्च करने की अनुमति लेने की अपील की. उन्होंने कहा, ‘मैं सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि जिला पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए हैं.’
जब भोरिया को बताया गया कि किसान नेताओं ने कहा है कि उनमें से 101 शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली तक मार्च करेंगे, तो उन्होंने कहा, “जैसा कि मैंने आपको बताया है, कानून का पालन करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है. कानून के जो भी प्रावधान हों, उनका पालन किया जाना चाहिए.”



