Assembly Election Result 2023 5 Reasons Of BJP Victory In Madhya Pradesh Chhattisgarh Rajasthan

Assembly Election Result 2023 5 Reasons Of BJP Victory In Madhya Pradesh Chhattisgarh Rajasthan


मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और तेलंगाना के विधानसभा चुनाव के नतीजे रविवार (4 दिसंबर) को आ गए. हिंदी बेल्ट के तीनों राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को प्रचंड जीत मिली है. जीत के बाद पार्टी में जश्न का माहौल है. 2018 के विधानसभा चुनाव में इन राज्यों में कांग्रेस ने बीजेपी को शिकस्त दी थी, लेकिन इस बार कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है. 

मध्य प्रदेश में पहले से ही बीजेपी की सरकार है, लेकिन छत्तीसगढ़ और राजस्थान की सत्ता में कांग्रेस है. बीजेपी के नेता खुद मान रहे हैं कि जैसी जीत उन्हें तीनों राज्यों में मिली है वह उनकी कल्पना से भी बहुत ज्यादा है. यहां तक की एग्जिट पोल में भी दोनों पार्टियों के बीच बेहद करीबी मुकाबला नजर आ रहा था, लेकिन नतीजों में बीजेपी को एकतरफा जीत हासिल हुई. बीजेपी की इस प्रचंड जीत की क्या वजह है, आइए एक बार इस पर नजर डाल लेते हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता(*5*)
तीनों राज्यों में बीजेपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चेहरा बनाकर चुनावी मैदान में उतरी. उनकी लोकप्रियता बरकरार है, जिसने पार्टी के उम्मीदवरों को अपने प्रतिद्वंदियों से आगे निकलने में मदद की है. पार्टी नेताओं ने भी जीत का श्रेय पीएम मोदी को दिया है. जीत के लिए पीएम मोदी की लोकप्रियता को इसलिए भी श्रेय दिया जा रहा है कि क्योंकि पिछली बार जब 2018 के विधानसभा चुनाव के बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने जोरदार जीत हासिल की थी. हालांकि, विधानसभा चुनावों में पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ा था और लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 2014 से भी ज्यादा सीटों के साथ सत्ता में वापसी की थी. ऐसे में यह विश्वास पैदा हुआ कि मतदाताओं के बीच पीएम मोदी की स्वीकार्यता पर भरोसा किया जा सकता है.     

प्रधानमंत्री मोदी की उभरते वैश्विक नेता के रूप में छवि पेश की गई और बताया गया कि कैसे उन्होंने वैश्विक परिदृश्य में भारत की स्थिति को बेहतर किया है. इस तरह बीजेपी हर राज्य में जाति और वर्ग की सीमाओं से ऊपर उठकर अपना समर्थन आधार मजबूत करने में सफल रही है. जैसे कमजोर स्थिति में होने के बावजूद, बीजेपी छत्तीसगढ़ की 34 आदिवासी सीटों में से 20 पर नेतृत्व करने में कामयाब रही. छत्तीसगढ़ में आदिवासी वोट बहुत मायने रखता है. यह दिखाता है कि जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर पीएम मोदी की स्वीकार्यता और मतदाताओं का उन पर भरोसा, 2014 के बाद से बीजेपी की सबसे बड़ी ताकत रही है और वह अब भी बरकरार है.