Andhra Pradesh Assembly Election 2024 CM YS Jaganmohan Reddy May Deny Tickets To 40 MLA

Andhra Pradesh Assembly Election 2024 CM YS Jaganmohan Reddy May Deny Tickets To 40 MLA


Andhra Pradesh Assembly Election 2024: हाल ही में आए तेलंगाना विधानसभा चुनाव के नतीजों का असर पड़ोसी राज्य पर भी पड़ता दिख रहा है. यहां भारत राष्ट्र समिति (BRS) की हार से सबक लेते हुए वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सुप्रीमो और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी 2024 में होने वाले विधानसभा चुनावों में कुछ बड़े फैसले ले सकते हैं. बताया जा रहा है कि वह ऐसी कम से कम 40 विधानसभा सीटों पर मौजूदा विधायकों का टिकट काट सकते हैं, जहां सत्ता विरोधी लहर तेज बताई जा रही है.

बताया जा रहा है कि पार्टी के करीब 40 विधायक अलग-अलग वजहों से अपने विधानसभा क्षेत्रों में सत्ता विरोधी लहर का सामना कर रहे हैं. 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने 175 में से 151 सीटों पर जीत दर्ज की थी. पार्टी यहां स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार चला रही है.

जहां नए उम्मीदवार उतारे, वहां जीती BRS

बता दें कि तेलंगाना में बीआरएस की हार में यह सामने आया है कि उसे अधिकतर उन सीटों पर हार मिली है, जहां जीते हुए विधायक ही उम्मीदवार थे और वहां सत्ता विरोधी लहर भी थी. दरअसल, बीआरएस सुप्रीमो के.चंद्रशेखर राव ने पिछले महीने हुए विधानसभा चुनाव में 12 विधायकों को छोड़कर लगभग सभी मौजूदा विधायकों को फिर से टिकट दिया था. दिलचस्प बात यह है कि जिन 12 जगहों पर पार्टी ने मौजूदा विधायकों की जगह नए उम्मीदवारों को टिकट दिया, उनमें से 9 पर बीआरएस को जीत मिली है. नतीजों की समीक्षा में पार्टी को पता लगा कि अगर केसीआर ने 10 से 15 और विधायकों के टिकट काटकर नए उम्मीदवार उतारे होते तो नतीजा कुछ और होता.

सीएम जगन ने रखा है सभी सीटें जीतने का लक्ष्य

175 सदस्यों वाले आंध्र प्रदेश विधानसभा में इस समय वाईएसआर कांग्रेस के पास 151 विधायक हैं. सीएम जगन ने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पहले से ही बड़ा लक्ष्य बना रखा है. उन्होंने “175 क्यों नहीं” के नारे के साथ सभी 175 सीटें जीतने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है.

एक बड़े नेता ने भी दिए टिकट काटने के संकेत

वाईएसआर कांग्रेस के एक बड़े नेता ने कहा, “अगर पार्टी सत्ता बरकरार रखना चाहती है तो हमारे नेता जोखिम नहीं ले सकते. जीत सुनिश्चित करने के लिए विधायकों के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर को रोकना सबसे प्रमुख कारक है. ऐसी स्थिति में प्रत्याशी बदलने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है. पार्टी उन सीटों पर नए उम्मीदवार खड़ा करेगी जहां ऐसी समस्या है.”

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