Amit Shah Adviced Journalist on Manipur Question says you can ask Question but do not argue | पत्रकार ने ऐसा क्या पूछा कि अमित शाह को आया गुस्सा, कहा

Amit Shah Adviced Journalist on Manipur Question says you can ask Question but do not argue | पत्रकार ने ऐसा क्या पूछा कि अमित शाह को आया गुस्सा, कहा


मोदी सरकार 3.0 के 100 दिन की सफलता पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. पत्रकार वार्ता के दौरान एक पत्रकार के मणिपुर पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने पत्रकार को नसीहत दी कि आप सवाल पूछ सकते हैं, बहस न करें. राज्यों में शांति बनी रहे इसके लिए केंद्र सरकार मणिपुर में बातचीत कर रही है.

मोदी सरकार 3.0 के 100 दिन की सफलता पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. पत्रकार वार्ता के दौरान एक पत्रकार के मणिपुर पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने पत्रकार को नसीहत दी कि आप सवाल पूछ सकते हैं, बहस न करें. राज्यों में शांति बनी रहे इसके लिए केंद्र सरकार मणिपुर में बातचीत कर रही है.

केंद्रीय गृहमंत्री ने इस वार्ता के दौरान “एक राष्ट्र एक चुनाव”, वक्फ बिल और किसान संबंधी योजनाओं के बारे में बताया. वहीं मणिपुर के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार दोनों समुदाय- मैतेई और कुकी से बात कर रही है.

केंद्रीय गृहमंत्री ने इस वार्ता के दौरान “एक राष्ट्र एक चुनाव”, वक्फ बिल और किसान संबंधी योजनाओं के बारे में बताया. वहीं मणिपुर के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार दोनों समुदाय- मैतेई और कुकी से बात कर रही है.

एक पत्रकार ने अमित शाह से मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफे को लेकर सवाल पूछा तो केंद्रीय गृहमंत्री ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया बल्कि उन्होंने कहा कि आप सवाल पूछ सकते हैं, लेकिन बहस ना करें.

एक पत्रकार ने अमित शाह से मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफे को लेकर सवाल पूछा तो केंद्रीय गृहमंत्री ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया बल्कि उन्होंने कहा कि आप सवाल पूछ सकते हैं, लेकिन बहस ना करें.

अमित शाह का कहना था कि बीते 3 सालों में मणिपुर में कोई बड़ी हिंसक घटना नहीं घटी है और वह उम्मीद करते हैं कि जल्द ही वहां स्थितियां सामान्य होगी. वह यह भी बोले कि मणिपुर में हिंसा के पीछे जातीय संघर्ष है और दोनों से बातचीत के बिना कोई हल नहीं निकलेगा. सरकार दोनों समुदाय से लगातार बात कर रही है और इलाके में स्थिति सामान्य हो इसके लिए योजना भी तैयार की गई है.

अमित शाह का कहना था कि बीते 3 सालों में मणिपुर में कोई बड़ी हिंसक घटना नहीं घटी है और वह उम्मीद करते हैं कि जल्द ही वहां स्थितियां सामान्य होगी. वह यह भी बोले कि मणिपुर में हिंसा के पीछे जातीय संघर्ष है और दोनों से बातचीत के बिना कोई हल नहीं निकलेगा. सरकार दोनों समुदाय से लगातार बात कर रही है और इलाके में स्थिति सामान्य हो इसके लिए योजना भी तैयार की गई है.

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इस बात की भी जानकारी दी कि मणिपुर हिंसा के एक मुख्य कारण म्यांमार से होने वाली घुसपैठ है, जिसको रोकने के लिए भी सरकार ने आवश्यक कदम उठाए हैं.

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इस बात की भी जानकारी दी कि मणिपुर हिंसा के एक मुख्य कारण म्यांमार से होने वाली घुसपैठ है, जिसको रोकने के लिए भी सरकार ने आवश्यक कदम उठाए हैं.

उन्होंने यह भी बताया कि मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के 100 दिनों में ही म्यांमार और भारत की सीमा पर बाड़ लगाने का काम भी शुरू हो गया है.

उन्होंने यह भी बताया कि मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के 100 दिनों में ही म्यांमार और भारत की सीमा पर बाड़ लगाने का काम भी शुरू हो गया है.

अमित शाह बोले, कि भारत-म्यांमार सीमा पर 30 किलोमीटर तक यह काम पूरा भी हो चुका है. यही नहीं सीमा पर कुल 1500 किलोमीटर बाड़ लगाने के लिए भारत सरकार ने धनराशि को भी स्वीकृत कर दिया है.

अमित शाह बोले, कि भारत-म्यांमार सीमा पर 30 किलोमीटर तक यह काम पूरा भी हो चुका है. यही नहीं सीमा पर कुल 1500 किलोमीटर बाड़ लगाने के लिए भारत सरकार ने धनराशि को भी स्वीकृत कर दिया है.

Published at : 18 Sep 2024 07:14 AM (IST)

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