केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू सोमवार को दिल्ली एयरपोर्ट से कतर के लिए रवाना हुए. वह कतर के ‘फादर अमीर’ शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर भारत सरकार की ओर से शोक संवेदना व्यक्त करेंगे. इस दौरान रिजिजू कतर के नेतृत्व से मुलाकात कर भारत की ओर से संवेदना संदेश भी सौंपेंगे.
भारत ने घोषित किया एक दिन का राष्ट्रीय शोक
शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर भारत सरकार ने 13 जुलाई 2026 को एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया था. शोक दिवस के दौरान देशभर में उन सभी सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहा, जहां नियमित रूप से तिरंगा फहराया जाता था. साथ ही इस दिन कोई भी सरकारी मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया.
Minister of Parliamentary Affairs and Minority Affairs Shri Kiren Rijiju departed for Doha, Qatar today for conveying condolences on behalf of the Government and people of India on the sad demise of Qatar’s Father Amir His Highness Sheikh Hamad bin Khalifa Al Thani.
Father Amir… pic.twitter.com/0MgyFQv2W8
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) July 14, 2026
पीएम मोदी ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि शेख हमद एक दूरदर्शी नेता थे, जिन्होंने कतर को विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. प्रधानमंत्री ने उन्हें भारत का सच्चा मित्र बताते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बनाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा.
भारत-कतर संबंधों के लिए अहम है यह यात्रा
किरेन रिजिजू की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. कतर इस पूरे क्षेत्र में एक अहम कूटनीतिक भूमिका निभा रहा है और कई मौकों पर दोनों देशों के बीच बातचीत कराने में मध्यस्थ भी रहा है.
मिडिल ईस्ट में कतर की बढ़ी अहमियत
कतर में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा अल उदैद एयरबेस मौजूद है, जो इस क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है. वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच कतर की रणनीतिक अहमियत और बढ़ गई है. ऐसे समय में भारत की ओर से संवेदना व्यक्त करने के लिए किरेन रिजिजू का कतर दौरा दोनों देशों के मजबूत रिश्तों का संकेत माना जा रहा है.



