Bengal Violence: जहांगीर खान को छुड़ाने गए दंगाईयों पर पुलिस की मार, 8 गिरफ्तार, CM बोले- किसी को बख्शा नहीं जाएगा

Bengal Violence: जहांगीर खान को छुड़ाने गए दंगाईयों पर पुलिस की मार, 8 गिरफ्तार, CM बोले- किसी को बख्शा नहीं जाएगा


पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता जहांगीर खान की गिरफ्तारी के बाद बड़ा बवाल खड़ा हो गया. आरोप है कि जहांगीर खान को छुड़ाने के लिए समर्थकों की भीड़ ने फाल्टा पुलिस स्टेशन पर धावा बोलने की कोशिश की. पुलिस ने इस मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया है और दावा किया है कि पूरे घटनाक्रम की कथित मास्टरमाइंड खुद जहांगीर खान की पत्नी थीं.

पुलिस के अनुसार, जहांगीर खान की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थक बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए. मंगलवार को न्यायिक हिरासत में बंद जहांगीर खान के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग फाल्टा के शतोल कोलसा इलाके में जुटे. “बंगाल के पुष्पा” के नाम से मशहूर टीएमसी नेता जहांगीर खान की रिहाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ, जो देखते ही देखते उग्र रूप ले बैठा.आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने फाल्टा पुलिस स्टेशन को घेर लिया और गिरफ्तार नेता को जबरन छुड़ाने की कोशिश की.

हालात बिगड़ते देख पुलिस और केंद्रीय बलों ने मोर्चा संभाला. अधिकारियों के मुताबिक, त्वरित कार्रवाई करते हुए भीड़ को कुछ ही समय में तितर-बितर कर दिया गया और स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया था.

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पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से भी इस मामले पर सख्त रुख अपनाया गया है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा, “फाल्टा पुलिस स्टेशन पर धावा बोलकर जेल में बंद टीएमसी नेता जहांगीर खान को छुड़ाने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.”

इस पूरे विवाद की जड़ कई साल पुराने एक चर्चित मामले से जुड़ी बताई जा रही है. जहांगीर खान का नाम वर्ष 2020 में तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के काफिले पर डायमंड हार्बर जाते समय हुए कथित हमले के मामले में सामने आया था. सरकार बदलने के बाद पुराने मामलों की फाइलें दोबारा खोली गईं और जांच तेज हुई. इसी क्रम में उनकी गिरफ्तारी हुई है. उस समय एफआईआर तो दर्ज हुई थी, लेकिन जांच को लेकर सवाल उठे थे और आरोपियों को राहत मिल गई थी.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “हमें सूचना मिली थी कि भीड़ का एक वर्ग प्रदर्शन के दौरान पुलिस स्टेशन पर हमला करने और आरोपी को छुड़ाने की योजना बना रहा है. इसलिए पहले से पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी. पुलिस और केंद्रीय बलों की समय पर कार्रवाई के कारण ऐसी किसी भी कोशिश को नाकाम कर दिया गया.”

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