खेती के लिए लिया 15 लाख का लोन, बाढ़ में तबाह हो गई फसल; किसान ने कीटनाशक पीकर दी जान

खेती के लिए लिया 15 लाख का लोन, बाढ़ में तबाह हो गई फसल; किसान ने कीटनाशक पीकर दी जान


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तेलंगाना के खम्माम जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां कर्ज के बोझ और फसल नष्ट होने की वजह से एक किसान ने जहर खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. यह घटना राज्य के कृषि मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी के विधानसभा क्षेत्र में हुई है, जिससे सरकार की किसान-विरोधी नीतियों पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं.

जानकारी के अनुसार, घटना खम्माम जिले के नेलकोंडपल्ली मंडल के शंकरगिरि थांडा की है, जहां 45 वर्षीय किसान बानोथु वीरन्ना ने अपने खेत में जहरीला पदार्थ पीकर आत्महत्या कर ली. वीरन्ना एक भूमिहीन किसान था और जीविका चलाने के लिए 5 एकड़ जमीन लीज पर लेकर खेती कर रहा था. 

करीब 15 लाख का कर्ज था किसान पर

सूत्रों के मुताबिक, वीरन्ना ने इस साल की फसल के लिए निजी लोगों और साहूकारों से करीब 15 लाख रुपये का भारी कर्ज़ लिया था. उसने अपनी सारी उम्मीदें इस फसल पर लगा दी थीं, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था. प्रदेश में हुई भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ ने उसकी पूरी फसल को तबाह कर दिया. फसल बर्बाद होने से उसके सामने कर्ज चुकाने का पहाड़ खड़ा हो गया.

मरने से पहले बनाया वीडियो 

आर्थिक तंगी और भविष्य की चिंता से परेशान होकर वीरन्ना गंभीर मानसिक संकट में आ गया. सोमवार देर रात उसने अपने खेत में जहरीला कीटनाशक पी लिया. इससे पहले उसने अपने मोबाइल फोन से एक सेल्फी वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें वह अपनी दुर्दशा और आत्महत्या के लिए मजबूर होने के कारणों को बता रहा है. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्ज़े में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच शुरू कर दी है.

पूर्व मंत्री हरीश राव ने कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना

विपक्षी पार्टियां सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगा रही हैं और मांग कर रही हैं कि मृतक किसान के परिवार को तुरंत आर्थिक मदद के साथ-साथ उसके कर्ज़ माफ़ किए जाएं. पूर्व मंत्री हरीश राव ने इस घटना की निंदा करते हुए एक्स पर पोस्ट किया. उन्होंने कहा कि खम्माम जिले के नेलकोंडपल्ली में बटाईदार किसान बानोथु वीरन्ना की आत्महत्या अत्यंत दुखद है. जहरीला पदार्थ पीते हुए उन्होंने बताया था कि उनकी फसल का ठीक से दाम नहीं मिला और कर्जा चुकाने का कोई रास्ता नहीं बचा. वीरन्ना का सेल्फी वीडियो कांग्रेस सरकार द्वारा किसानों के साथ किए गए धोखे की बानगी है.

उन्होंने कहा कि वीरन्ना की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि सरकार की लापरवाही से हुई हत्या है. चुनाव से पहले बटाईदार किसानों को सालाना 15,000 रुपये का रैतू भरोसा देने का वादा कर सत्ता में आने के बाद धोखा देना निंदनीय है.

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