ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विवादित सोशल मीडिया पोस्ट लिखने के लिए मुकदमे का सामना कर रहे अली खान महमूदाबाद के मामले में हरियाणा सरकार ने एसआईटी बना ली है. बुधवार (28 मई, 2025) को हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने कोर्ट के आदेश के मुताबिक तीन आईपीएस अधिकारियों की एसआईटी बना दी है.
कोर्ट ने हरियाणा सरकार से कहा है कि जांच को दो सोशल मीडिया पोस्ट तक ही सीमित रखा जाए. न ही डिवाइस जब्त करने या दूसरे पहलुओं की जांच करने की जरूरत है. कोर्ट ने कहा कि रिपोर्ट तैयार होने के बाद पहले सुप्रीम कोर्ट को दिखाई जाए और उसके बाद जुलाई में इस मामले पर सुनवाई होगी. कोर्ट ने अली खान पर रोक लगाई है कि वह पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कोई पोस्ट नहीं करेंगे.
असी खान महमूदाबाद अशोका यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं. पिछले हफ्ते ऑपरेशन सिंदूर पर पोस्ट करके वह विवादों में आ गए थे, जिसके बाद 18 मई को उनकी गिरफ्तारी हुई और सेशन कोर्ट ने उन्हें 27 मई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. हालांकि, सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने उनके लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की, जहां अली खान महमूदाबाद को अंतरिम जमानत दे दी थी. जमानत देते हुए कोर्ट ने उन्हें खूब फटकार भी लगाई थी और उनके पोस्ट पर कहा था कि इसे डॉग व्हिसलिंग कहते हैं और चीप पॉप्युलेरिटी के लिए उन्होंने यह पोस्ट किया.
सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस सूर्यकांत ने कहा प्रोफेसर से कहा था कि देश में क्या माहौल है और वह ऐसा बातें लिख रहे हैं. वह ऐसी भाषा का भी तो इस्तेमाल कर सकते थे, जिससे किसी को बुरा ना लगे.
(निपुण सहगल के इनपुट के साथ)



