भारत में ऐसा क्या हुआ, टेंशन में है नेपाल, विदेश मंत्री देउबा ने ओडिशा के मंत्री को लगाया फोन

भारत में ऐसा क्या हुआ, टेंशन में है नेपाल, विदेश मंत्री देउबा ने ओडिशा के मंत्री को लगाया फोन



<p style="text-align: justify;"><strong>Nepal Student Suicide Case:</strong>&nbsp; नेपाल के विदेश मंत्री आरजू राणा देउबा ने बुधवार (19 फरवरी) को ओडिशा के शिक्षा मंत्री सूर्यबंशी सूरज से नेपाली छात्रा की मौत की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का अनुरोध किया. विदेश मंत्री के सचिवालय के एक बयान के अनुसार, टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान, देउबा ने सूरज से यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा कि ओडिशा के विश्वविद्यालय में अन्य नेपाली छात्रों के लिए सुरक्षित वातावरण में कक्षाएं फिर से शुरू हों.</p>
<p style="text-align: justify;">ओडिशा के &lsquo;कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी&rsquo; (केआईआईटी) में बीटेक (कंप्यूटर साइंस) तृतीय वर्ष की छात्रा प्रकृति लम्साल (20) ने 16 फरवरी को अपने छात्रावास के कमरे में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी. देउबा से बातचीत के दौरान सूर्यबंशी ने बताया कि ओडिशा सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है और लम्साल को न्याय और दोषी को सजा दिलाने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की गई है. बयान में कहा गया है कि उन्होंने यह आश्वासन भी दिया कि छात्रावास में नेपाली छात्रों की सुरक्षा और पढ़ाई फिर से शुरू कराने के लिए व्यवस्था की गई है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>केआईटी में पढ़ते हैं 1 हजार नेपाली छात्र</strong></p>
<p style="text-align: justify;">केआईआईटी में लगभग 1,000 नेपाली छात्र पढ़ते हैं. इस बीच, केआईआईटी विश्वविद्यालय से कथित तौर पर निष्कासित 95 नेपाली छात्र परसा जिले में बीरगंज सीमा के रास्ते घर लौट आए हैं. &lsquo;रिपब्लिका डेली&rsquo; ने परसा के कार्यवाहक मुख्य जिला अधिकारी निशान राज गौतम के हवाले से कहा कि कुल 76 छात्रों के साथ 19 छात्राएं बीरगंज सीमा के रास्ते नेपाल आयी हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>घटना के बाद से संपर्क में भारत-नेपाल</strong>&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">रविवार को हुई घटना के बाद से दोनों देशों के नेता और अधिकारी लगातार एक दूसरे के संपर्क में हैं. काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने कहा कि ओडिशा सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग को एक नोटिस जारी किया है, जिसमें कहा गया, &lsquo;&lsquo;उसने उक्त घटना से प्रभावित छात्रों की सुरक्षा, उनकी सुरक्षित वापसी और उनके शैक्षणिक हितों की रक्षा के लिए &lsquo;हेल्पडेस्क&rsquo; बनाई है.&rsquo;&rsquo;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>24 घंटे उपलब्ध रहेगी हेल्पडेस्क</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ओडिशा सरकार ने कहा कि उसने केआईआईटी में एक छात्रा की मौत और उसके बाद संस्थान द्वारा की गई कार्रवाई से संबंधित दुर्भाग्यपूर्ण घटना को गंभीरता से लिया है. विभाग ने उच्च शिक्षा विभाग के आईएएस निदेशक काली प्रसन्ना महापात्रा को नोडल अधिकारी और उप निदेशक रजत मानसिंह को उनकी सहायता के लिए नियुक्त किया है. नोटिस में कहा गया &lsquo;&lsquo;नौ कर्मियों वाली यह हेल्प डेस्क 24 घंटे उपलब्ध रहेगी.&rsquo;&rsquo; इसमें कहा गया, &lsquo;&lsquo;हेल्प डेस्क तत्काल प्रभाव से छात्रों की मदद करेगी और उनकी शीघ्र वापसी या उनके व्यक्तिगत कल्याण से संबंधित किसी भी अन्य मुद्दे में सहायता करेगी.&rsquo;&rsquo; इसने प्रभावित छात्रों से संस्थान में शीघ्र वापसी के लिए हेल्प डेस्क से संपर्क करने का भी अनुरोध किया है.</p>
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