Jharkhand CM Hemant Soren Newest Information : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में पूछताछ के लिए सोमवार को झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन के दिल्ली स्थित आवास पहुंची. इस दौरान हेमंत सोरेन आवास पर मौजूद नहीं थे. ईडी की टीम 13 घंटों से अधिक समय तक वहां डेरा डाले रही. इस दौरान आवास की तलाश भी ली गई. जांच एजेंसी ने सोरेन के आवास से हरियाणा में रजिस्ट्रेशन वाली बीएमडब्ल्यू कार जब्त की है और इसके अलावा आवास की तलाशी के दौरान मिले कुछ दस्तावेज जब्त किए हैं. झारखंड मुक्ति मोर्चा ने ईडी की कार्रवाई को हेमंत सोरेन को बदनाम करने की नियोजित साजिश बताया. उधर, बीजेपी ने कहा कि सीएम सोरेन गिरफ्तारी के डर से 18 घंटे से फरार हैं.
दरअसल, सोमवार को ईडी की टीम दिल्ली पुलिस के साथ करीब 9 बजे दक्षिण दिल्ली में 5/1 शांति निकेतन भवन पहुंची. ईडी की टीम रात करीब साढ़े 10 बजे तक वहां मौजूद रही. ईडी के कई अधिकारियों को रात करीब साढ़े 10 बजे परिसर से बाहर निकलते हुए देखा गया. सूत्रों ने बताया कि जांच एजेंसी ने सोरेन के आवास से एक बीएमडब्ल्यू और कुछ दस्तावेज जब्त किए हैं.
बदनाम करने की साजिश- JMM
सोरेन परिवार के एक सदस्य ने पीटीआई से बातचीत में इस पूरे घटनाक्रम को हेमंत सोरेन को बदनाम करने के लिए साजिश बताया. उन्होंने कहा कि सोरेन ने ईडी को लगातार जवाब दिया है. उन्होंने 31 जनवरी को दोपहर एक बजे अपने आवास पर बयान दर्ज कराने की इच्छा भी जताई थी.
पार्टी का कहना- निजी काम से दिल्ली गए
सोरेन 27 जनवरी को रांची से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे. उनकी पार्टी JMM ने सोमवार को कहा कि वह निजी काम से गए हैं और वह लौट आएंगे. हालांकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की झारखंड इकाई ने सोमवार को दावा किया कि राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के डर से पिछले 18 घंटे से फरार हैं और उसने राज्यपाल सी. पी. राधाकृष्णन से इस मामले पर संज्ञान लेने का आग्रह करते हुए कहा कि झारखंड की विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा दांव पर है.
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय ने कथित भूमि धोखाधड़ी मामले में 20 जनवरी को सोरेन से रांची में उनके आधिकारिक आवास पर पूछताछ की थी और उन्हें नया समन जारी करते हुए यह बताने को कहा था कि वह पूछताछ के लिए 29 जनवरी या 31 जनवरी में से किस दिन आएंगे. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सोरेन ने एजेंसी को एक पत्र भेजा था लेकिन पूछताछ के लिए दिन या तारीख नहीं बताई थी. सोरेन ने ईडी को रविवार (28 जनवरी) को भेजे ईमेल में उस पर राज्य सरकार के कामकाज में बाधा डालने के लिए राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित होने का आरोप लगाया और दावा किया कि 31 जनवरी को या उससे पहले उनका बयान दोबारा दर्ज कराने की ईडी की जिद से दुर्भावना झलक रही है.
ये भी पढ़ें
Bihar Politics: नीतीश ने इस्तीफे से 15 दिन पहले ही बना लिया था INDIA छोड़ने का मन, राहुल से खफा हो 10 मिनट में छोड़ दी थी मीटिंग!



