Lok Sabha Security Breach Om Birla All Party Meet Delhi Police Congress Slams Center Modi Government

Lok Sabha Security Breach Om Birla All Party Meet Delhi Police Congress Slams Center Modi Government


Lok Sabha Security Breach: संसद की सुरक्षा में बुधवार (13 दिसंबर) को बड़ी चूक का मामले सामने आया. दर्शक दीर्घा में बैठे दो लोग सांसदों की बैठने वाली जगह में कूद गए और केन के जरिए धुआं फैला दिया. इसके अलावा परिसर में दो अन्य लोगों ने प्रदर्शन करते हुए केन के माध्यम से धुआं करते हुए तानाशाही नहीं चलेगी का नारा लगाया. सुरक्षा में चूक की यह घटना 2001 में संसद पर हुए आतंकी हमले की बरसी के दिन हुई है.

लोकसभा सेक्रेटरी जनरल के पत्र पर गृह मंत्रालय ने सीआरपीएफ के डीजी अनीश दयाल सिंह की अध्यक्षता में एसआईटी गठित कर दी है. पूरे मामले को लेकर सरकार पर विपक्ष हमलावर है. कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दोनों सदनों के भीतर बयान दें. इस दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि विपक्ष राजनीति कर रहा है. वहीं दूसरी तरफ लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कई अहम खुलासे हुए. ये सब पूरे दिन चलता रहा. 

कैसे घटना हुई?
लोकसभा की कार्यवाही के दौरान बुधवार को दर्शक दीर्घा से दो लोग सदन के भीतर कूद गए और धुआं फैला दिया. वीडियो में दिख रहा है कि सदन में शून्यकाल के दौरान दोपहर करीब एक बजे दर्शक दीर्घा से दो व्यक्ति सदन में कूदे और इनमें से एक व्यक्ति एक मेज से अगली मेज पर तेजी से कूदते हुए आगे की ओर भाग रहा था. सुरक्षाकर्मियों और कुछ सांसदों ने उसे घेर लिया. बाद में दोनों को पकड़ लिया गया. 

बैठक का संचालन कर रहे पीठासीन सभापति अग्रवाल ने संसद भवन परिसर में कहा, ‘‘हमें ऐसा लगा कि जैसे एक व्यक्ति गिर गया. फिर देखा तो एक व्यक्ति कूद रहा था. फिर ध्यान में आया कि दोनों कूदे होंगे. एक व्यक्ति ने जूते से कुछ निकालकर धुआं फैलाया.’’

पांच लोग पकड़े और एक फरार
पुलिस ने बताया कि मामले में पांच लोग पकड़े गए और एक फरार है. लोकसभा में कूदने वाले शख्स की पहचान सागर शर्मा और मनोरंजन डी के रूप में हुई है. वहीं अमोल शिंदे और नीलम को संसद भवन के बाहर से पकड़ा गया. इनके पांचवें साथी ललित भी संसद में चारों के साथ आया था, लेकिन हंगामा होने पर वो भाग गया जो कि फरार है. इनका छठे साथी विक्की को भी पुलिस ने पकड़ लिया है.  

न्यूज एजेंसी पीटीआई ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया कि सभी आरोपी काफी दिन से प्लान कर रहे थे. सभी लोग सोशल मीडिया के जरिए एक दूसरे से जुड़े हुए थे. सूत्रों ने बताया कि मामले की जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल करेगी. मामले में कई जगहों पर छापेमारी जा रही है. 

कौन हैं आरोपी?
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संसद भवन के बाहर से पकड़े गए दो लोगों की पहचान हरियाणा के जींद जिले के गांव घासो खुर्द निवासी नीलम (42) और लातूर (महाराष्ट्र) निवासी अमोल शिंदे (25) के रूप में हुई है. नीलम हिसार में सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी. वहीं मनोरंजन पेशे से ऑटो ड्राइवर है और कर्नाटक का रहने वाला है. वहीं सागर शर्मा लखनऊ का निवासी है. सभी आरोपी एक दूसरे को जानते थे. 


आरोपी की मां ने क्या कहा?
नीलम की मां ने कहा कि मेरी बेटी काम होने को लेकर चिंता में थी. उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, ”मेरी लड़की बेरोजगारी के कारण तंग थी. मैंने बेटी से बात की, लेकिन इसके बारे में उन्होंने कुछ नहीं बताया. नीलम हमेशा कहती थी कि मैं काफी पढ़ी हुई हूं, लेकिन नौकरी नहीं है.” 

सर्वदलीय बैठक में उठे ये सवाल
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने पूरे मामले को लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाई. इसमें कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने सुरक्षा में हुई चूक को लेकर कई कमियों को जिक्र किया.  न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक तृणमूल कांग्रेस के कुछ सांसदों ने इस घटना की तुलना महुआ मोइत्रा के निष्कासन से की और उन बीजेपी सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जिन्होंने कथित तौर पर आरोपियों को संसद में प्रवेश करने के लिए पास दिलाने में मदद की थी. 

बैठक के बाद लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि विभिन्न दलों के नेताओं ने घटना की गहन जांच की मांग की. उन्होंने कहा,  ”यह बात सार्वजनिक थी कि एक आतंकवादी संगठन 13 दिसंबर को संसद पर हमला करने की योजना बना रहा है और इसकी जानकारी सरकार को भी थी, फिर भी यह सुरक्षा चूक कैसे हो गई.” वहीं पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि सागर और मनोरंजन के आंगुतक पास 45 मिनट का था, लेकिन वो दोनों दो घंटे ठहरे रहे. 

बीजेपी सांसद ने दिलाया पास
दानिश अली और टीएमसी ने दावा किया कि सागर को पास बीजेपी सांसद प्रताप सिम्हा ने दिलाया था. फिलहाल इसको लेकर सिम्हा ने अभी कोई टिप्पणी नहीं की है. 

विपक्ष और सरकार के बीच हुई बयानबाजी
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने मामले को गंभीर बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सदन में बयान देने को कहा है. पीय़ूष गोयल ने पलटवार करते हुए कहा,  ‘देश को संदेश देना चाहिए कि हम सब देश की एकता और अखंडता के लिए साथ खड़े हैं. सदन जरूर चलना चाहिए. कांग्रेस राजनीति कर रही है.” विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ में शामिल दलों ने इस दौरान सदन से वॉकआउट भी कर दिया. 

विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ करेगा बैठक
विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) संसद की सुरक्षा में सेंध के विषय पर अगले कदम को लेकर गुरुवार (14 दिसंबर) को बैठक करेंगे.  विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने के बारे में भी विचार कर रहे हैं.  तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर बैठक होगी.  बता दें कि पूरे मामले में पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है. 

इनपुट भाषा से भी. 

ये भी पढ़ें- ‘गृह मंत्री अमित शाह जवाब दें…’, संसद की सुरक्षा में चूक पर मल्लिकार्जुन खरगे ने घेरा, सरकार बोली- कांग्रेस कर रही राजनीति