तेलंगाना की राजनीति में एक बार फिर तीखे आरोपों और बयानबाजी का दौर तेज हो गया है. महेश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बेहद आक्रामक हमला करते हुए कहा कि देश के अधिकारों को विदेशी ताकतों के सामने गिरवी रखने का किसी को अधिकार नहीं है. उन्होंने सीधे सवाल किया, ‘हमारे अधिकारों को ट्रंप के सामने ताखे पर रखने वाले तुम कौन होते हो?’
टीपीसीसी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत पर दबाव बना रहे हैं. महेश गौड़ ने कहा कि अगर देश के शीर्ष नेतृत्व पर इस तरह के आरोप लगते हैं, तो उसका असर सीधे भारत की कूटनीति और राष्ट्रीय हितों पर पड़ता है. उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी दबाव के कारण देश की नीतियों और फैसलों पर भी असर पड़ सकता है, जो लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है.
उन्होंने कहा कि भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश में जनता की संप्रभुता सर्वोपरि होती है. कोई भी नेता या सरकार देश के अधिकारों और सम्मान के साथ समझौता नहीं कर सकती. गौड़ ने कहा कि अगर देश की नीतियां किसी विदेशी दबाव के कारण प्रभावित होती हैं तो यह देश के आत्मसम्मान के खिलाफ है.
टीपीसीसी अध्यक्ष ने केंद्र से क्या मांग की है?
टीपीसीसी अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से मांग की कि इस पूरे मामले पर देश के सामने सच्चाई रखी जाए. उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री का नाम किसी अंतरराष्ट्रीय विवाद में सामने आता है तो सरकार को स्पष्ट रूप से देश की जनता को जानकारी देनी चाहिए.
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष का कर्तव्य है कि वह ऐसे मुद्दों पर सवाल उठाए और सरकार से जवाब मांगे. लोकतंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है और किसी भी स्तर पर संदेह की स्थिति नहीं रहनी चाहिए.
गौड़ के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है. हालांकि केंद्र सरकार या तेलंगाना भाजपा की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
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