‘मुझे इसमें कुछ भी पॉजिटिव नहीं दिखा’, इमरान मसूद ने दिग्विजय सिंह के बयान पर विवाद खत्म करने की दी नसीहत

‘मुझे इसमें कुछ भी पॉजिटिव नहीं दिखा’, इमरान मसूद ने दिग्विजय सिंह के बयान पर विवाद खत्म करने की दी नसीहत


कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह के हाल ही में आरएसएस पर दिए बयान पर कांग्रेस के एमपी इमरान मसूद ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इसे चापलूसी की संज्ञा देकर इस मामले पर विवाद न बढ़ाने की नसीहत भी दी. दिग्विजय सिंह के बयान पर पार्टी के भीतर भी समर्थन और विरोध देखने को मिला है. उनके इस बयान से कांग्रेस पार्टी अचानक बैकफुट पर आ गई. पार्टी के अंदर ही कई प्रतिक्रिया देखने में आई है. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने दिग्विजय सिंह का समर्थन किया है. 

इमरान मसूद ने कहा कि मैंने जो देखा और समझा वह यह था कि यह चरणवंदना का काम था. मैं समझ गया कि वहां चरणवंदना को कितना सपोर्ट और बढ़ावा मिलता है. क्या चरण वंदना जायज हो सकती है. मुझे इसमें कुछ भी पॉजिटिव नहीं दिखा. दिग्विजय सिंह RSS के पक्के विरोधी हैं. मैं बस इतना ही जानता हूं. इस पर इतना विवाद खड़ा करने की कोई ज़रूरत नहीं है.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, दिग्विजय सिंह ने एक पोस्ट फेसबुक पर किया है. इसमें उन्होंने 1990 के दशक की एक ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर शेयर की. इस तस्वीर में युवा नरेंद्र मोदी गुजरात में एक कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता एलके आडवाणी के पास जमीन पर बैठे दिख रहे हैं. 

सोशल मीडिया पर दिग्विजय सिंह ने शेयर की 90 की दशक की तस्वीर 

इस फोटो को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, ‘जो लोग कभी जमीनी स्तर पर काम करते थे, वे संगठनात्मक पदानुक्रम में ऊपर उठकर मुख्यमंत्री और आखिरकार प्रधानमंत्री बन सकते हैं.’ इस पोस्ट के साथ उन्होंने पार्टी के कई नेताओं को भी टैग किया है. 

दिग्विजय सिंह ने भी दी सफाई
इस पूरे मामले पर दिग्विजय सिंह का बयान भी आया है. उन्होंने कांग्रेस पार्टी के साथ एकता को जाहिर किया है. दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनकी (बीजेपी) राजनीति हमेशा बांटो और राज करो की रही है. यह एक ऐसा परिवार (नेहरू-गांधी) है जिसके दो सदस्य शहीद हुए हैं. इसलिए उनके बीच कभी फूट नहीं पड़ सकती. चाहे कितनी भी कोशिशें की जाएं.