बिहार में एनडीए के पक्ष में आए एकतरफा नतीजों के बाद अब सरकार बनाने की कवायद तेज हो गई है. जनता दल यूनाइटेड के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की है. माना जा रहा है कि ये मुलाकात मुख्यमंत्री और अन्य विभागों के बंटवारे को लेकर हो सकती है. संजय झाा और ललन से मुलाकात के बाद अमित शाह से मिलने जेपी नड्डा भी पहुंच गए हैं.
इससे पहले बिहार चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और सह प्रभारी विनोद तावड़े ने केंद्र गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की है. इस बैठक में चुनावी नतीजों की समीक्षा और सरकार गठन की रूपरेखा पर अहम चर्चा की. माना जा रहा है कि 22 नवंबर से पहले शपथ ग्रहण की पूरी रणनीति तैयार कर ली जाएगी.
अभी नीतीश कुमार ने नहीं दिया इस्तीफा
मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपना इस्तीफा औपचारिक तौर पर राज्यपाल को नहीं सौंपा है. उनके इस्तीफे के बाद से सरकार बनाने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो सकेगी. शपथ ग्रहण में पीएम मोदी शामिल होंगे, उनकी उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए शपथ ग्रहण की फाइनल तारीख तय होगी. इससे पहले पटना में प्रशासनिक हलचल बढ़ गई है. बीजेपी और जेडीयू ने अपने विधायकों को पटना पहुंचने के निर्देश दिए हैं.
सूत्रों के हवाले से खबर है कि अगले सप्ताह का राजनीतिक कैलेंडर तय माना जा रहा है. इसमें जेडीयू, बीजेपी, हम और आरएलएम के विधायक दल की बैठकें होंगी. इनमें नेता चुनने और नए समीकरणों पर चर्चा होगी. इनमें मुख्यमंत्री आवास में एनडीए विधायक दल की संयुक्त बैठक होनी है. इसमें माना जा रहा है कि नीतीश को नेता चुना जाएगा.
एनडीए को प्रचंड बहुमत
इस बार के बिहार चुनाव 2025 में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. बीजेपी को 89 सीटें और सहयोगी दल को 85 सीटें मिली हैं. दोनों दलों ने 101-101 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे. वहीं महागठबंधन पूरी तरह से फ्लॉप रहा. जहां राजद को 25 सीटें तो वहीं कांग्रेस 6 सीटों पर सिमट गई.



