बंगाल, असम समेत 5 राज्यों में चुनाव की तारीखों का आज ऐलान, कांग्रेस का आया रिएक्शन, जानें क्या कहा?

बंगाल, असम समेत 5 राज्यों में चुनाव की तारीखों का आज ऐलान, कांग्रेस का आया रिएक्शन, जानें क्या कहा?


भारतीय निर्वाचन आयोग आज रविवार (15 मार्च 2026) को शाम 4 बजे 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव का पूरा कार्यक्रम घोषित करेगा. शेड्यूल घोषित होते ही चुनाव प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी. कार्यक्रम के ऐलान के साथ ही मॉडल ऑफ कंडक्ट यानी आचार संहिता भी लागू हो जाएगी. इस बीच प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अभियान में आरोप-प्रत्यारोप और तीखी राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिलेगी. कांग्रेस का कहना है कि चुनाव प्रचार में गलत जानकारी और डर का माहौल बनाने की कोशिश की जाती है.

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा ‘चुनाव आयोग आज शाम 4 बजे 2026 के विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम घोषित करेगा. जी2 की ओर से इसे मंजूरी मिल चुकी होगी, क्योंकि जी1 ने उद्घाटन, रिबन काटने, ध्वजारोहण और शुभारंभ जैसे समारोहों का यह दौर पूरा कर लिया होगा. चुनाव आयोग की आदर्श आचार संहिता (MCC) जल्द ही लागू होने वाली है, लेकिन 2014 से इसे मोदी की चुनावी आचार संहिता का पर्याय माना जाता रहा है – जो मानहानि, गाली-गलौज, धमकियों, भय फैलाने और झूठ का वायरस फैलाने से भरी होगी.’

पूर्व सांसद संदीप दीक्षित का बयान

वहीं कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद संदीप दीक्षित ने कहा, ‘हम इसका स्वागत करते हैं. हम इसका लंबे समय से इंतजार कर रहे थे. दरअसल, इसकी घोषणा बहुत पहले ही हो जानी चाहिए थी. मैं चुनाव आयोग से कहना चाहूंगा कि आपके बारे में पहले से ही बहुत संदेह हैं, लेकिन कम से कम इतनी बेशर्मी से घोषणा न करें. प्रधानमंत्री लगातार घोषणाएं करते रहते हैं और फिर अचानक आपको तारीखों की घोषणा करने का ख्याल आता है.’

आचार संहिता लागू होने के बाद क्या होगा?

आचार संहिता लागू होने के बाद सरकार और राजनीतिक दलों को चुनाव से जुड़े नियमों का पालन करना होगा और नई योजनाओं या बड़े सरकारी फैसलों की घोषणा पर रोक लग जाती है. चुनाव आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम में मतदान की तारीख, नामांकन की अंतिम तिथि, मतगणना की तारीख और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी. इसके बाद सभी राजनीतिक दल और उम्मीदवार अपने चुनाव अभियान को तेज कर देंगे. अब सबकी नजर चुनाव आयोग की घोषणा पर टिकी है, जिसके बाद राज्यों में चुनावी माहौल और तेज होने की संभावना है.