‘पड़ोसी देशों से प्यार करते हैं, लेकिन ये भारत की समस्या नहीं’, नेपाल हिंसा पर क्या बोलीं CM ममता बनर्जी?

‘पड़ोसी देशों से प्यार करते हैं, लेकिन ये भारत की समस्या नहीं’, नेपाल हिंसा पर क्या बोलीं CM ममता बनर्जी?


पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार (09 सितंबर, 2025) को नेपाल की सीमा से लगे उत्तरी जिलों के लोगों से पड़ोसी देश में सरकार विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के मद्देनजर शांति बनाए रखने का आग्रह किया. 

नेपाल में मंगलवार को दूसरे दिन भी हिंसक विरोध प्रदर्शन जारी रहे. सार्वजनिक सभाओं पर लगे प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे की मांग की और कई राजनीतिक नेताओं के आवासों में तोड़फोड़ की. ओली ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है.

नेपाल की समस्या भारत की नहीं

ममता बनर्जी ने उत्तर बंगाल के प्रशासनिक दौरे पर रवाना होने से पहले कोलकाता हवाई अड्डे पर कहा, ‘हम नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश से प्यार करते हैं. हम सभी सीमावर्ती देशों से प्यार करते हैं. मैं सिलीगुड़ी, कलिम्पोंग और नेपाल सीमा से सटे अन्य इलाकों के निवासियों से भी आग्रह करती हूं कि वे शांति बनाए रखें और ऐसी गतिविधियों से बचें, जिनसे परेशानी हो सकती है, क्योंकि यह हमारी समस्या नहीं है. वहां स्थिति सामान्य होने दें. हम दखल नहीं दे सकते, यह हमारा मामला नहीं है.’

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि विदेश नीति केंद्र सरकार का क्षेत्राधिकार है. ममता ने कहा, ‘अगर हमारे पड़ोसी देश अच्छे से रहेंगे तो हम भी बेहतर रहेंगे. हम चाहते हैं कि पड़ोसी देश में शांति बनी रहे.’

‘जान जोखिम में डालकर न जाएं नेपाल’

मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को पड़ोसी देश में हो रहे घटनाक्रम को कवर करने के लिए नेपाल न जाने की भी सलाह दी. उन्होंने कहा, ‘अपनी जान जोखिम में डालकर नेपाल न जाएं. आप सिलीगुड़ी से भी नेपाल की जानकारी दे सकते हैं. सुरक्षा सबसे पहले है, विदेश जाने से पहले पुलिस को सूचित करें.’

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