ओडिशा कांग्रेस ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय के पक्ष में वोटिंग करने और उन्हें राज्यसभा चुनाव जीतने में मदद करने के लिए अपने तीन विधायकों को निलंबित कर दिया है. इसमें कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस भी शामिल हैं. पार्टी की ओर से बयान जारी कर इसकी जानकारी दी गई है. सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया, ‘सोफिया फिरदौस का भविष्य बहुत उज्ज्वल था, अब कटक से जीतने की उनकी संभावनाएं खत्म हो गई हैं.’
दरअसल, तीन कांग्रेस विधायकों के अलावा बीजू जनता दल (बीजद) के आठ विधायकों ने बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार राय के पक्ष में मतदान किया था, जिसके कारण विपक्ष के साझा उम्मीदवार दत्तेश्वर होता चुनाव हार गए. कांग्रेस ने रणनीतिक समझ के तहत बीजद उम्मीदवार होता का समर्थन करने का फैसला किया था. ओडिशा में राज्यसभा की चार सीटों के लिए चुनाव हुए. इनमें से दो सीट भाजपा ने जीतीं और एक सीट बीजद ने हासिल की. इसके अलावा निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय ने भी जीत हासिल की.
किन तीन कांग्रेस विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग?
जिन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय के पक्ष में वोटिंग की, उनमें सनाखेमुंडी के रमेश चंद्र जेना, मोहना के दशरथी गोमांगो और बाराबती-कटक की सोफिया फिरदौस शामिल हैं. कांग्रेस के मुताबिक, इन विधायकों ने सोमवार को राज्यसभा चुनाव के दौरान राय के पक्ष में वोट दिया था. ओडिशा कांग्रेस यूनिट की ओर से सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया, ‘जो कांग्रेस के साथ धोखा करते हैं, वह देश के साथ धोखा करते हैं.’
कौन हैं कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस?
सोफिया फिरदौस 2024 विधानसभा चुनाव में बाराबती-कटक सीट से जीतकर विधायक बनी थीं. उनके पिता मोहम्मद मुकीम भी इस सीट से विधायक रह चुके हैं. उनकी गिनती ओडिशा के बड़े रियल एस्टेट करोबारियों में होती है. धोखाधड़ी के एक मामले में कोर्ट ने उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगा थी, जिसके बाद सोफिया को कांग्रेस ने टिकट दिया था. सोफिया ओडिशा विधानसभा चुनाव की पहली मुस्लिम महिला विधायक बनी हैं. उनके पति मेराज उल हक भी बिजनेसमैन हैं.



