लोकसभा ने बुधवार को एंटी पेपर लीक संशोधन बिल को मंजूरी दे दी. इस संशोधन विधेयक पर हुई चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की कुछ टिप्पणियों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई. इस वजह से सदन की कार्यवाही पहले एक बार करीब 40 मिनट के लिए दोपहर 2:30 बजे तक और फिर तीन बजे तक स्थगित कर दी गई. इस बिल के पास होने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उन्हें लोकसभा में बोलने नहीं दिया गया क्योंकि बीजेपी के सांसद बार-बार उन्हें सामने से टोक रहे थे.
बिल पास होने के बाद राहुल गांधी का रिएक्शन
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘आज संसद में मेरे भाषण के दौरान मैंने दिल्ली में छात्रों पर हुई बर्बरता का मुद्दा उठाया और इसके जिम्मेदार का नाम लिया- गृह मंत्री अमित शाह. मुझे बीजेपी ने बोलने नहीं दिया. आज मैं वो सब कहूंगा जो सदन में कहने नहीं दिया गया. मेरा माइक बंद कर सकते हैं, लेकिन छात्रों की गूंज नहीं.’
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि गृह मंत्री अमित शाह को यह स्पष्टीकरण देना चाहिए कि उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दिया था या नहीं दिया था. उन्होंने सदन में अमित शाह को लेकर गंभीर आरोप लगाया जिसके कारण सत्तापक्ष के सदस्यों ने तीखा विरोध किया और उनसे माफी की मांग की.
लोकसभा में हुई तीखी बहस
तीन बजे सदन की बैठक शुरू होने पर कांग्रेस के सांसद ‘एलओपी को बोलने’ दो के नारे लगाते हुए हंगामा कर रहे थे. हंगामे के बीच ही प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब दिया और उनके जवाब के बाद सदन ने ध्वनिमत से विधेयक को मंजूरी प्रदान कर दी. विधेयक पारित होने के बाद कांग्रेस सांसदों की नारेबाजी के बीच ही अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी. चर्चा का जवाब देते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि नीट प्रश्नपत्र लीक के मामले में सरकार ने फौरन कार्रवाई की और 12 जुलाई को जांच सीबीआई को सौंप दी गई.
जितेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने देश में पिछले कुछ साल में 152 बार पेपर लीक होने और इनमें 750 करोड़ बच्चों के प्रभावित होने का दावा किया. उन्होंने कहा, ‘पता नहीं प्रियंका गांधी यह आंकड़ा कहां से लाईं. 2024 का कानून लागू होने के बाद कोई कार्रवाई नहीं होने की बात कही, जबकि ऐसे मामलों में 52 प्राथमिकियां दर्ज हो चुकी हैं.’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की प्रतिबद्धता के अनुरूप यही सरकार 2020 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लाई जो कांग्रेस का अधूरा काम था.



