उधमपुर-बारामूला रेल लिंक को आगे बढ़ाने का प्लान, उरी रेलवे लाइन का DPR तैयार; रेल मंत्री ने संसद में दी जानकारी

उधमपुर-बारामूला रेल लिंक को आगे बढ़ाने का प्लान, उरी रेलवे लाइन का DPR तैयार; रेल मंत्री ने संसद में दी जानकारी


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उधमपुर–श्रीनगर–बारामुला रेल लिंक (USBRL) परियोजना के बाद रेलवे अब एक और उपल्ब्धि की ओर अपने कदम बढ़ा रहा है. भारतीय रेलवे ने कश्मीर घाटी में रेल नेटवर्क को और विस्तार देने के लिए नई रेल लाइन और डबलिंग के लिए डीपीआर तैयार कर लिया है.

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार (5 दिसंबर, 2025) को संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान कहा कि बारामुला–उरी नई रेल लाइन (46 किमी) और बनिहाल–बारामुला डबल लाइन (118 किमी) का सर्वे पूरा कर लिया है और डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली गई है.

राज्यसभा में रेल मंत्री ने दी परियोजना की विस्तृत जानकारी

रेल मंत्री ने कहा कि DPR के बाद परियोजना को मंजूरी देने की प्रक्रिया में राज्य सरकारों, नीति आयोग, वित्त मंत्रालय सहित कई हितधारकों की स्वीकृतियां जरूरी होती हैं. इसलिए, इन परियोजनाओं के पूरा होने की जो समयसीमा है, वो एक कई विभागीय प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी.

इसके अलावा, रेल मंत्री ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में ये भी बताया है कि उधमपुर–श्रीनगर–बारामुला रेल लिंक (USBRL) परियोजना ने जम्मू-कश्मीर के सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव लाते हुए अब तक पांच करोड़ से अधिक मानव-दिवस का रोजगार पैदा किया है.

USBRL प्रोजेक्ट रेलवे की सबसे कठिन परियोजनाओं में से एक

उल्लेखनीय है कि USBRL परियोजना, रेलवे की सबसे कठिन रेल परियोजनाओं में से एक है. ऐसा इसलिए कि ये परियोजना हिमालयी पहाड़ियों से होकर गुजरती है, जिसकी वजह से यह आजादी के बाद से भारत की सबसे चुनौतीपूर्ण रेल परियोजनाओं में गिनी जाती है और कुल 272 किलोमीटर लंबी USBRL परियोजना हाल ही में पूरी तरह कमीशन कर दी गई है. इसके तहत ट्रेनें उधमपुर, रियासी, रामबन, श्रीनगर, अनंतनाग, पुलवामा, बडगाम और बारामुला जिलों से होकर गुजरती है.

इसी परियोजना में दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल, चिनाब ब्रिज (359 मीटर ऊंचा, 1,315 मीटर लंबा, 467 मीटर आर्च स्पैन) बनाया गया है, और भारत का पहला केबल-स्टे ब्रिज अंजी खड्ड पुल भी इसी परियोजना का हिस्सा है, जिसकी पायलन ऊंचाई 193 मीटर है.

रेल सेवाओं के संचालन के बाद से पर्यटन और व्यापार में मिला फायदा

इस परियोजना के पूरा होने के बाद कश्मीर में रेल सेवाओं का विस्तार संभव हो सका और संचालन में आने के बाद, रेलवे ने चार वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें, कटरा से श्रीनगर तक, छह जोड़ी DEMU/MEMU सेवाएं — काजीगुंड–श्रीनगर सेक्टर और पांच जोड़ी DEMU/MEMU सेवाएं — श्रीनगर–बारामुला सेक्टर की शुरुआत की है, जिससे पर्यटन और व्यापार दोनों को फायदा मिला है.

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