ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध का असर चावल पर पड़ना शुरू हो गया है. इस युद्ध के चलते जम्मू क्रिस पूरा सेक्टर की विश्व पसिद्ध बासमती विदेश निर्यात नहीं हो पा रही जिससे जम्मू में चावल से जुड़े व्यापारी परेशान है. विश्व में जारी महायुद्ध का असर अब भारत में भी दिखने लगा है और भारत में चावल की खेती और व्यापार से जुड़े लोगों को इस जंग ने चिंता में डाल दिया है.
घाटी के चावल दुनिया में खुशबू और स्वाद के लिए जाने जाते हैं
जम्मू कश्मीर के आर एस पुरा सेक्टर के बासमती चावल दुनिया में खुशबू और स्वाद के लिए जाने जाते है. यह चावल जम्मू के सीमावर्ती इलाके आरएस पुरा से यूरोप के कई देशों में निर्यात होते है जबकि साधारण चावल यूरोप और खाड़ी के देशों में भेजे जाते है.
जम्मू में चावल के बड़े विक्रेता सूरज सिंह का दावा है कि इस साल हुई बरसात में पहले चावल की फसल पर असर डाला और उसके बाद अब इस युद्ध के चलते चावल की खेती और व्यापार से जुड़े लोग सकते में आ गए है. चावल के व्यापार से जुड़े लोगों का दावा है कि खाड़ी और यूरोप जाने वाले रास्ते बंद होने से भारत से निर्यात होने वाली सारा सामान विदेश नहीं जा पा रहा है.
स्थिति यही रही तो उठाना पड़ सकता है नुकसान
इन व्यापारियों का दावा है कि अगर स्थिति इसी तरह रही तो उन्हें काफी नुकसान होने वाला है. व्यापारी बताते हैं कि चावल खराब होने वाली वस्तु है और पानी लगते ही सारा चावल बर्बाद हो जाता है. बोरियों में पैक किए गए चावल को अगर जल्दी विदेशी तक नहीं पहुंचाया गया तो उन्हें काफी नुकसान होगा.



