दिल्ली में सोमवार (10 नवंबर) को हुए भीषण कार ब्लास्ट के बाद गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर हाई लेवल बैठक शुरू हो गई है, जिसमें गृह सचिव गोविंद मोहन, डायरेक्टर IB तपन डेका, दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोल्चा और DG NIA समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं.
जम्मू-कश्मीर के डीजीपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े हुए हैं. बैठक में गृह मंत्री सभी आला अधिकारियों से अब तक की जांच की जानकारी ले रहे हैं, यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि धमाके के मामले के तार कहां-कहां तक जुड़े हैं और जांच एजेंसियां आगे किस तरह काम कर रही हैं, इस पर भी ब्रीफिंग दी गई.
जल्द से जल्द विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के आदेश
सभी एजेंसियों को धमाके की प्रकृति और कारण की व्यापक जांच करने और जल्द से जल्द विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए गए हैं. मंगलवार सुबह फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम ने अतिरिक्त सबूत इकट्ठा करने के लिए स्थल का पुनः निरीक्षण किया. NIA और NSG अभी भी विस्फोट में इस्तेमाल किए गए विस्फोटक की प्रकार का पता लगाने में जुटी हैं.
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट की भी होगी जांच
सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया पर वायरल हुए पोस्ट की भी जांच कर रही हैं, जिसमें धमाके को लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जोड़ा गया है. शुरुआती जांच के अनुसार, धमाके वाली Hyundai i20 कार का स्रोत जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले से जुड़ा पाया गया है. सूत्रों के अनुसार, कार कथित तौर पर पुलवामा निवासी द्वारा खरीदी गई थी.
कार के संदिग्ध चालक की CCTV फुटेज बरामद
दिल्ली पुलिस ने कार के संदिग्ध चालक की CCTV फुटेज भी प्राप्त की है, जिसमें दिख रहा है कि वह अकेला था और कार पार्किंग क्षेत्र में प्रवेश और बाहर निकली. पुलिस ने बदरपुर बॉर्डर से लेकर लाल किला के सुनहरी मस्जिद और Outer Ring Road से कश्मीरी गेट-Red Fort मार्ग तक की फुटेज का गहन विश्लेषण किया. इस जांच में लगभग 200 पुलिसकर्मी शामिल थे.
पुलिस ने UAPA के तहत दर्ज किया मामला
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने UAPA (Unlawful Activities Prevention Act), Explosives Act, और भारतीय न्याय संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है. सुरक्षा एजेंसियां राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में सतर्क हैं और आम जनता को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है.
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