अभिषेक मनु सिंघवी और वेम नरेंद्र रेड्डी… राज्यसभा में तेलंगाना का प्रतिनिधित्व करेंगे ये नेता, निर्विरोध जीते

अभिषेक मनु सिंघवी और वेम नरेंद्र रेड्डी… राज्यसभा में तेलंगाना का प्रतिनिधित्व करेंगे ये नेता, निर्विरोध जीते


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तेलंगाना से राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए द्विवार्षिक चुनाव में वरिष्ठ कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी और वेम नरेंद्र रेड्डी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया है. दोनों नेताओं के खिलाफ किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया, जिसके कारण उन्हें बिना मुकाबले ही राज्यसभा के लिए चुना गया.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सोमवार (9 मार्च, 2026) को नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि दोनों उम्मीदवारों के सामने कोई प्रतिद्वंद्वी नहीं है. इसके बाद निर्वाचन प्रक्रिया के नियमों के तहत उन्हें निर्विरोध विजेता घोषित कर दिया गया.

द्विवार्षिक चुनावों के तहत कराया गया चुनाव

राज्यसभा के लिए यह चुनाव साल 2026 के द्विवार्षिक चुनावों के तहत कराया गया था. तेलंगाना विधानसभा में संख्या बल को देखते हुए कांग्रेस ने इन दोनों नेताओं को उम्मीदवार बनाया था. चूंकि विपक्ष की ओर से किसी उम्मीदवार ने नामांकन नहीं किया, इसलिए चुनाव की नौबत ही नहीं आई.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने बताया कि इस संबंध में राज्य विधानमंडल के रिटर्निंग अधिकारी और अतिरिक्त सचिव ने आधिकारिक घोषणा की है. निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, निर्धारित समयसीमा तक किसी अन्य दल या निर्दलीय उम्मीदवार ने नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया.

कांग्रेस पार्टी में दोनों नेताओं की रही है महत्वपूर्ण भूमिका

अभिषेक मनु सिंघवी देश के जानें-माने वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस पार्टी के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं. वे पहले भी राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं और संसद में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर पार्टी का पक्ष प्रभावी ढंग से रखते रहे हैं. जबकि वेम नरेंद्र रेड्डी तेलंगाना से जुड़े कांग्रेस के वरिष्ठ नेता माने जाते हैं. राज्य की राजनीति और संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका रही है. पार्टी नेतृत्व ने उन्हें राज्यसभा भेजकर संगठन में उनके योगदान को मान्यता दी है.

राज्यसभा में कांग्रेस की आवाज को मिलेगी मजबूती

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन दोनों नेताओं का निर्विरोध चुनाव कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश है. इससे यह भी संकेत मिलता है कि राज्य की राजनीति में इस बार राज्यसभा चुनाव को लेकर किसी बड़े टकराव की स्थिति नहीं बनी.

राज्यसभा में इन दोनों नेताओं के पहुंचने से कांग्रेस को संसद के उच्च सदन में अपनी आवाज मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है. पार्टी नेताओं का कहना है कि दोनों अनुभवी नेता संसद में तेलंगाना के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाएंगे और राज्य के हितों की पैरवी करेंगे.